Sat Nov 02 15:28:22 UTC 2024: ## भाई दूज 2024: 3 नवंबर को मनाया जाएगा, जानें शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

**नई दिल्ली:** दिवाली उत्सव के पांचवें और अंतिम दिन, भाई दूज, 3 नवंबर 2024 को मनाया जाएगा। यह त्योहार भाई-बहन के पवित्र रिश्ते का प्रतीक है, जहां बहनें अपने भाई की लंबी आयु और समृद्धि के लिए प्रार्थना करती हैं। भाई दूज को यम द्वितीया भी कहा जाता है, जो गोवर्धन पूजा के बाद मनाया जाता है।

इस साल, भाई दूज की तिथि 2 नवंबर को रात 8:22 बजे से शुरू होगी और 3 नवंबर को रात 10:06 बजे तक चलेगी। उदयातिथि के अनुसार, त्योहार 3 नवंबर को मनाया जाएगा।

**श्री मुहूर्त:** भाई दूज के लिए सबसे शुभ समय सुबह 11:45 तक है। इस दिन के लिए कुछ अन्य शुभ मुहूर्त भी हैं:

* सुबह 11:48 बजे से दोपहर 12:32 बजे तक
* दोपहर 01:10 बजे से दोपहर 03:22 बजे तक
* शाम 05:43 बजे से 07:20 बजे तक
* शाम 07:20 से 08:57 बजे तक

**राहु काल:** 3 नवंबर को शाम 4:30 बजे से 6 बजे तक राहु काल रहेगा। इस समय भाई को तिलक नहीं लगाना चाहिए।

**पूजा की थाली:** भाई दूज की पूजा थाली में रोली, अक्षत (सफेद चावल), फूल, सुपारी, पान का पत्ता, चांदी का सिक्का, सूखा नारियल, कलावा, केला, मिठाई और दीपक रखना चाहिए। थाली में टूटे हुए चावल नहीं रखना चाहिए।

**पूजा विधि:**

1. सुबह उठकर बहन-भाई स्नान करें।
2. बहन भाई को तिलक करने के लिए थाली तैयार करें।
3. थाली में फल, फूल, मिठाई, चावल, रोली और कुमकुम लें।
4. शुभ मुहूर्त में भाई का तिलक करें।
5. भाई को एक चौकी पर बिठाएं।
6. भाई के सिर पर लाल रंग का रुमाल रखें।
7. भाई के हाथ में सूखा नारियल दें।
8. अनामिका उंगली से चंदन का तिलक लगाएं।
9. चाहें तो भाई की कलाई पर कलावा बांध सकती हैं।
10. तिलक लगाने के बाद भाई पर चावल छिड़कें।
11. मिठाई खिलाएं।
12. भाई की आरती उतारें और उनकी लंबी उम्र की कामना करें।
13. तिलक लगाने के बाद भाई अपनी बहन को कुछ गिफ्ट दें।
14. भाई अपनी बहन को रक्षा का वचन दें।

भाई दूज का यह त्योहार भाई-बहन के प्यार और स्नेह के रिश्ते का प्रतीक है। इस दिन, बहनें अपने भाई की सुरक्षा और खुशहाली की कामना करती हैं।

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