Tue Sep 17 12:53:37 UTC 2024: ## पितृ पक्ष 2024: पितरों को समर्पित 15 दिन

**नई दिल्ली:** पितृ पक्ष, पितरों को समर्पित 15 दिनों का पवित्र पर्व, 18 सितंबर, बुधवार को प्रातः 8:42 बजे से शुरू हो रहा है। इस दौरान पितरों की शांति के लिए तर्पण, पिंडदान और श्राद्ध करने की परंपरा है।

महर्षि पाराशर ज्योतिष संस्थान के ज्योतिषाचार्य पं. राकेश पाण्डेय ने बताया कि पितृपक्ष 15 दिनों तक चलेगा और इसका समापन 2 अक्टूबर, बुधवार को होगा।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पितृपक्ष के दौरान पितर पृथ्वी लोक पर आते हैं। इस अवधि में पानी दान और तिथि के अनुसार अन्न और वस्त्र दान करना चाहिए। पितृपक्ष में किए गए श्राद्ध कर्म से वंशजों का पितृ दोष दूर हो सकता है।

ज्योतिषाचार्य पं. राकेश पाण्डेय ने बताया कि शास्त्रों में मातृ देवो भव, पितृ देवो भव कहा गया है। माता-पिता के समान कोई देवता नहीं है। उनकी संतृप्ति और आशीर्वाद हमें जीवन में हर प्रकार का सुख देता है।

**पितृपक्ष के पहले दिन का मुहूर्त:**

पं. आनंद दुबे के अनुसार, पितृ कर्म का उत्तम समय:

* **कुतुप काल:** 11:36 से 12:25 बजे तक
* **रोहिण काल:** 12:25 से 1:14 बजे तक
* **अपराह्न काल:** 1:14 से 3:41 बजे तक

**पितृ तर्पण कैसे करें:**

* प्रतिदिन 15 दिनों तक कुशा की जूडी, जल के लोटे के साथ लेकर पीपल के नीचे कुशा की जूडी को पितृ मानकर जल से तर्पण करें।
* तर्पण के बाद घर आकर प्रति दिन ही भोजन के समय एक रोटी गाय को, एक रोटी कुत्ते को और एक रोटी कौओं को जरूर खिलाएं।
* संभव हो तो अपनी छत पर किसी चौड़े पात्र में जल भरकर पक्षियों के लिए रखें और अनाज के दाने भी छत पर डालें।

**Disclaimer:**
यह लेख धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

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