Sun Nov 03 06:10:00 UTC 2024: ## भाई-बहन का प्यार: एक अटूट बंधन

**मुरादाबाद:** भाई-बहन के रिश्ते की गहराई और खूबसूरती को प्रदर्शित करते हुए, भाई दूज के अवसर पर अमर उजाला आपको कुछ प्रेरणादायक कहानियाँ लेकर आया है। ये कहानियाँ उन भाई-बहनों की हैं जिन्होंने एक-दूसरे के लिए असाधारण त्याग और समर्पण का परिचय दिया है।

**किडनी दान से भाई की जान बचाई:**

मुरादाबाद के सचिन कुमार की जान उनकी बड़ी बहन स्मिता सिंह ने किडनी दान करके बचाई। सचिन को किडनी खराब होने के कारण जीवन से हार मानने लगी थी लेकिन स्मिता ने बिना किसी हिचकिचाहट के अपनी किडनी देकर उन्हें मौत के मुंह से बचा लिया।

**कोचिंग से कामयाब बनाया, अब सहारा बनें:**

कंचन खन्ना, जो जन्म के बाद दिव्यांग हो गई थीं, ने मुफ्त कोचिंग देकर रणधीर को कामयाब बनाया। रणधीर ने कंचन को अपनी बहन मानते हुए, अब शारीरिक रूप से कमजोर कंचन का सहारा बन गए हैं।

**भाई ने बहन को किडनी देकर जान बचाई:**

अमरोहा की पारुल गोयल को उनकी किडनी खराब हो गई थी, जिसके बाद उनके छोटे भाई अंकित अग्रवाल ने बहन को अपनी किडनी देकर उनके प्राणों की रक्षा की।

**मुस्लिम बहन से तिलक:**

हसनपुर के मुकेश गुप्ता 27 सालों से अपनी मुंह बोली मुस्लिम बहन शाहजहां से तिलक लगवाकर भाई दूज मनाते हैं। शाहजहां ने मुकेश गुप्ता को भाई मान लिया था, जब उन्होंने उनके परिवार की मदद की थी।

ये कहानियां भाई-बहन के रिश्ते की अनोखी ताकत का प्रमाण हैं, जो धर्मों की सीमाओं को लांघते हुए समाज में सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल पेश करते हैं। भाई दूज के इस खास मौके पर हम सभी को अपने भाई-बहनों के साथ प्यार, देखभाल और सम्मान का रिश्ता और भी मजबूत बनाने की प्रेरणा लेनी चाहिए।

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