Wed Oct 30 10:01:14 UTC 2024: ## स्विगी का IPO: ₹371-₹390 के प्राइस बैंड में 6-8 नवंबर तक खुला रहेगा
**नई दिल्ली:** ऑनलाइन फूड डिलीवरी कंपनी स्विगी का IPO 6-8 नवंबर के बीच ₹371-₹390 के प्राइस बैंड में सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा। एंकर निवेशकों के लिए यह 5 नवंबर को खुलेगा। इस इश्यू के तहत नए शेयर जारी होंगे और ऑफर फॉर सेल के तहत भी शेयरों की बिक्री होगी।
ग्रे मार्केट में, IPO के अपर प्राइस बैंड से स्विगी के शेयर 25 रुपये यानी 6.41 फीसदी की GMP (ग्रे मार्केट प्रीमियम) पर ट्रेड हो रहे हैं। हालांकि, मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि निवेश से जुड़े फैसले कंपनी की कारोबारी सेहत के हिसाब से लेने चाहिए, न कि ग्रे मार्केट से मिले संकेतों के आधार पर।
स्विगी का IPO ₹11,327.43 करोड़ का है। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए 75 फीसदी, नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए 15 फीसदी और खुदरा निवेशकों के लिए 10 फीसदी शेयर आरक्षित होंगे। IPO के तहत शेयरों का अलॉटमेंट 11 नवंबर को फाइनल होगा, और BSE और NSE पर 13 नवंबर को स्विगी की एंट्री होगी।
स्विगी इस IPO से कुल 4,499.00 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी करेगा। इसके अलावा, 17,50,87,863 शेयरों की ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिक्री होगी। ये शेयर एस्सेल इंडिया, अपोलेटो एशिया, अल्फा वेव वेंचर्स, Coatue PE एशिया, डीएसटी यूरोएशिया, एलीवेशन कैपिटल, इंस्पायर्ड एलाइट इंवेस्टमेंट्स, एमआईएच इंडिया फूड होल्डिंग्स, नॉर्वेस्ट वेंचर पार्टनर्स और टेनसेंट क्लाउड यूरोप द्वारा बेचे जाएंगे।
स्विगी के MD और ग्रुप CEO श्रीहर्ष मजेती की कंपनी में 5.36 फीसदी हिस्सेदारी है, जबकि को-फाउंडर और पूर्णकालिक निदेशक, हेड ऑफ इनोवेशन लक्ष्मी नंदन रेड्डी ओबुल की 1.75 फीसदी हिस्सेदारी है।
स्विगी का IPO अपने सब्सिडियरी Scootsy में निवेश करने, तकनीक और क्लाउड इंफ्रा में निवेश करने, ब्रांड मार्केटिंग और बिजनेस प्रमोशन पर खर्च करने और इनऑर्गेनिक ग्रोथ और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए उपयोग किया जाएगा।
वित्त वर्ष 2024 में स्विगी का घाटा 4,179.3 करोड़ रुपये से गिरकर 2,350.2 करोड़ रुपये पर आ गया, जबकि कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू 36 फीसदी बढ़कर 11,247.4 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। चालू वित्त वर्ष की जून तिमाही में कंपनी का घाटा 564 करोड़ रुपये से बढ़कर 611 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, लेकिन रेवेन्यू 35 फीसदी बढ़कर 3,222.2 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।