Tue Oct 29 14:57:58 UTC 2024: ## नीमच में धनतेरस पर आयुर्वेद और स्वास्थ्य पर आयोजित हुआ कार्यक्रम

नीमच में आरोग्य भारती द्वारा आयोजित भगवान धन्वन्तरी के प्रकटोत्सव कार्यक्रम में आयुर्वेद और स्वास्थ्य से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई। कार्यक्रम में धन्वन्तरी शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय उज्जैन के प्राध्यापक डॉ. आशीष शर्मा ने मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया और समुद्र मंथन की कहानी के मानवीय स्वास्थ्य से संबंध पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि समुद्र मंथन में निकले 14 रत्नों, जिसमें अमृत, लक्ष्मी, धन्वन्तरी और हलाहल जैसे रत्न शामिल हैं, का मानवीय व्यवहार, स्वास्थ्य और मोक्ष प्राप्ति से गहरा संबंध है।

कार्यक्रम में दीपावली के पर्व और धनतेरस की महत्ता पर भी चर्चा की गई। डॉ. शर्मा ने कहा कि दीपावली में चार ज्योति वाले दीप जलाना भगवान यम को समर्पित होता है, जिससे परिवार में किसी की अकाल मृत्यु न हो। उन्होंने राजा हेम की कहानी का उदाहरण देते हुए बताया कि धनतेरस का सोना-चांदी खरीदने से संबंध क्यों है।

आयुर्वेद के प्रणेता भगवान धन्वन्तरी के योगदान को याद करते हुए कार्यक्रम में आहार और विचार की महत्ता पर भी जोर दिया गया। महामंडलेश्वर श्री श्री सुरेशानन्दजी शास्त्री निपनिया गुरूजी ने कहा कि धनतेरस धन्य तेरस है, क्योंकि इस दिन भगवान धन्वन्तरी ने मानव जाति को उत्तम स्वास्थ्य का मंत्र दिया। वीरेन्द्र कुमार सकलेचा चिकित्सा महाविद्यालय नीमच के डीन डॉ अरविन्द घनघोरिया ने मांसाहार से बचने की आवश्यकता पर बल दिया और उत्तम स्वास्थ्य के लिए आहार की महत्ता पर प्रकाश डाला।

कार्यक्रम में मेडिकल कालेज के डीन डॉ. अरविन्द घनघोरिया, आई एम ए के पूर्व अध्यक्ष डॉ. अशोक जैन, लेखक ओमप्रकाश चौधरी, कवि प्रमोद रामावत सहित अन्य गणमान्य नागरिकों का सम्मान भी किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नागरिकों ने भाग लिया और समापन भोजन के साथ हुआ।

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