
Tue Oct 15 23:55:51 UTC 2024: ## शरद पूर्णिमा 2024: चांदनी रात, खीर का भोग और चुनावी हलचल
आज, 16 अक्टूबर 2024 को, शरद पूर्णिमा का त्योहार मनाया जा रहा है। इस दिन, चांद की रोशनी में खीर चढ़ाने की परंपरा है। माना जाता है कि इस दिन की चांदनी में रखी खीर अमृत के समान हो जाती है, जिसका सेवन व्यक्ति को स्वस्थ रखने में मदद करता है।
शरद पूर्णिमा की खीर सामान्य खीर से अलग होती है। गाढ़ी और केसर के रंग की, यह खीर चावल, मखाने और केसर के मिलावट से तैयार होती है। महालक्ष्मी की पूजा भी इस दिन की जाती है, इसलिए मखाने का इस्तेमाल जरूरी माना जाता है।
इस दिन, चंद्रोदय शाम 5:04 पर होगा। खीर शाम को ही बनाई जाती है और शाम 8:41 बजे शुरू होने वाले शुभ मुहूर्त में चांद को भोग लगाया जाता है।
शरद पूर्णिमा की खीर बनाने के लिए दूध, चावल, चीनी, मखाने और केसर का इस्तेमाल किया जाता है। पहले दूध में चावल पकाया जाता है और फिर केसर मिलाया जाता है। चावल पकने के बाद मखाना डाला जाता है और आखिर में चीनी मिलाकर खीर को गाढ़ा बनाया जाता है।
इसके अलावा, खीर में नारियल कद्दूकस और इलायची मिलाने से स्वाद बढ़ता है। खीर को फ्रिज में भी रखा जा सकता है और सुबह इसका सेवन किया जा सकता है।
इस बीच, चुनाव आयोग आज झारखंड और महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा करेगा। झारखंड में 81 और महाराष्ट्र में 288 विधानसभा सीटें हैं। जेएमएम ने आरोप लगाया है कि बीजेपी को चुनाव की तारीखों की पहले ही जानकारी मिल गई थी और चुनाव आयोग बीजेपी के इशारे पर काम कर रहा है।