Mon Nov 18 12:58:23 UTC 2024: ## दिल्ली-NCR में वायु प्रदूषण का स्तर हुआ ‘अत्यंत खतरनाक’, AQI 999 पर पहुंचा

**नई दिल्ली, 18 नवंबर:** दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में आज दोपहर एक बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) कई स्थानों पर 999 पर पहुँच गया, जो अत्यंत खतरनाक स्तर है। यह स्तर 1952 के लंदन के ग्रेट स्मॉग आपदा को याद दिलाता है, जिसने हजारों लोगों की जान ले ली थी। उस समय वायु प्रदूषण का स्तर 500 से भी ऊपर था, जिससे दिन में ही अंधेरा छा गया था और अस्पताल भर गए थे।

अधिकांश देशों में AQI 500 पर सीमित है, लेकिन कुछ देशों जैसे चीन में यह 999 तक जाता है। 999 का मतलब स्वास्थ्य के लिए अत्यंत गंभीर खतरा है। इस स्तर पर पहुँचने पर वायु प्रदूषण की आपातकालीन स्थिति मानी जाती है।

**स्वास्थ्य पर प्रभाव:** AQI 999 से स्वस्थ व्यक्तियों को भी सांस लेने में तकलीफ, गले और आंखों में जलन जैसी समस्याएँ हो सकती हैं। दिल के दौरे, स्ट्रोक, और श्वसन संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। बच्चों, बुजुर्गों और पहले से ही सांस या दिल की बीमारी से ग्रस्त लोगों को जानलेवा खतरा हो सकता है।

**पर्यावरण पर प्रभाव:** घने धुंध के कारण दृश्यता कम हो जाती है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। लंबे समय तक प्रदूषण से खेती और वन्यजीव भी प्रभावित होते हैं।

**प्रदूषण के कारण:** तीव्र औद्योगिक उत्सर्जन, वाहनों का प्रदूषण, पराली जलाना और हवा का ठहरना इसके प्रमुख कारण हैं।

**सावधानियां:** लोगों को घर के अंदर रहने, बाहरी गतिविधियों से बचने, एयर प्यूरीफायर का उपयोग करने और जरूरत पड़ने पर N95 मास्क पहनने की सलाह दी जाती है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या के लिए तुरंत चिकित्सा सलाह लेना जरूरी है।

**सरकारी कार्रवाई:** सरकार को आपातकाल घोषित करने, वाहनों के उपयोग पर प्रतिबंध लगाने, स्कूल बंद करने और उद्योगों के उत्सर्जन को कम करने पर विचार करना चाहिए। नहीं तो बीमारी और मृत्यु दर में वृद्धि का खतरा है।

लेख में AQI के विभिन्न स्तरों और प्रदूषण के कारकों, जैसे PM2.5 और PM10, के बारे में भी विस्तृत जानकारी दी गई है। प्राकृतिक और मानवीय दोनों प्रकार के प्रदूषण के स्रोतों पर भी प्रकाश डाला गया है।

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