Sun Nov 17 14:04:21 UTC 2024: **मणिपुर में हिंसा: चार और विधायकों के घरों में आगजनी, मुख्यमंत्री के पैतृक घर पर हमले का प्रयास विफल**
इम्फाल: मणिपुर में जारी हिंसा में एक नया मोड़ आ गया है। शनिवार को गुस्साई भीड़ ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के तीन और कांग्रेस के एक विधायक के घरों में आग लगा दी। इसके अलावा, मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह के पैतृक घर पर भी हमला करने का प्रयास किया गया, लेकिन सुरक्षा बलों ने इसे विफल कर दिया।
जिरीबाम जिले में तीन महिलाओं और तीन बच्चों के शव मिलने के बाद से ही राज्य में तनाव व्याप्त है। शनिवार को हुई हिंसा में तीन मंत्रियों और छह विधायकों के घरों को भी निशाना बनाया गया था। प्रदर्शनकारियों ने विधायकों के आवासों पर हमला कर तोड़फोड़ की और आग लगाई, हालांकि विधायक और उनके परिवार के सदस्य उस समय घर पर मौजूद नहीं थे। अग्निशमन दलों ने आग पर काबू पा लिया, जिससे घरों को पूरी तरह से नष्ट होने से बचाया जा सका।
मुख्यमंत्री के पैतृक घर पर हमले के प्रयास को असम राइफल्स, सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और राज्य पुलिस ने मिलकर विफल किया। प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले और रबर की गोलियां चलाई गईं।
इस हिंसा के चलते इंफाल घाटी में अनिश्चितकाल के लिए कर्फ्यू लगा दिया गया है और इंटरनेट सेवाएं भी निलंबित कर दी गई हैं। स्थिति शांत, लेकिन तनावपूर्ण बनी हुई है। जिरीबाम में मिले शवों की घटना के पीछे उग्रवादियों का हाथ होने का आरोप लगाया गया है। इससे पहले सोमवार को सुरक्षा बलों और उग्रवादियों के बीच मुठभेड़ हुई थी, जिसमें 10 उग्रवादी मारे गए थे।
मणिपुर सरकार ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कई जिलों में इंटरनेट सेवाएं भी अस्थायी रूप से निलंबित कर दी हैं। नागरिक समाज संगठनों ने उग्रवादियों पर सैन्य कार्रवाई करने की मांग की है।