Fri Nov 08 20:12:57 UTC 2024: ## सुप्रीम कोर्ट ने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) के अल्पसंख्यक दर्जे पर फैसला सुरक्षित रखा
**नई दिल्ली**: सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार (8 नवंबर, 2024) को अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) के अल्पसंख्यक दर्जे पर फैसला सुरक्षित रखते हुए, 1967 के अजीज बाशा मामले में दिए गए फैसले को पलट दिया।
सुप्रीम कोर्ट ने यह फैसला तीन जजों की एक बेंच द्वारा दिया। इस मामले में 1967 में कोर्ट ने कहा था कि एएमयू एक केंद्रीय विश्वविद्यालय है और इसलिए उसे अल्पसंख्यक संस्थान का दर्जा नहीं दिया जा सकता है।
इसके बाद 1981 में तत्कालीन इंदिरा गांधी सरकार ने एएमयू एक्ट में संशोधन करके यूनिवर्सिटी को अल्पसंख्यक का दर्जा दिया था। अब तीन जजों की बेंच इसकी समीक्षा करेगी और इस मामले में अंतिम फैसला सुनाएगी।
2005 में AMU द्वारा मुस्लिम छात्रों के लिए आरक्षण नीति बनाने के बाद यह मामला अदालत में पहुँचा था, जिसे इलाहाबाद हाईकोर्ट ने चुनौती दी थी। हाईकोर्ट ने अपने फैसले में 1981 के संशोधन को रद्द कर दिया था।
यह मामला कई बार रिव्यू के लिए सुप्रीम कोर्ट में पहुँचा और अंततः 2019 में सात जजों की बेंच को ट्रांसफर किया गया था।
यह मामला अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी की स्थापना से जुड़ा है, जिसे 1920 में मुहम्मदन एंग्लो- ओरिएंटल कॉलेज को विश्वविद्यालय का दर्जा देने के लिए एक अधिनियम के तहत स्थापित किया गया था।
सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से AMU का अल्पसंख्यक दर्जा कानूनी तौर पर अनिश्चित हो गया है।
**विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस फैसले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि वे सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान करते हैं और आगे की कार्रवाई को लेकर उचित कदम उठाएंगे।**