Tue Nov 05 13:53:29 UTC 2024: ## आम आदमी पार्टी की कनाडा विवाद पर चुप्पी : क्या खालिस्तानी समर्थकों के डर से?

**चंडीगढ़:** पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार लगातार कनाडा में खालिस्तानियों को लेकर हुई घटनाओं पर आंख मूंदे हुए है, जिससे पार्टी पर खालिस्तानी समर्थकों को अपरोक्ष रूप से सपोर्ट करने के आरोप और मजबूत हो रहे हैं।

भारत-कनाडा विवाद के चलते दोनों देशों के बीच तनावपूर्ण माहौल के बावजूद, पंजाब सरकार की रहस्यमयी चुप्पी सवाल उठा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि पार्टी NRI समुदाय के समर्थन से डर रही है, जिनमें से कई खालिस्तानी विचारधारा के समर्थक हैं।

AAP सरकार की इस चुप्पी के चलते अरविंद केजरीवाल पर खालिस्तानी आतंकवादियों से सांठगाठ के आरोप लगने लगे हैं। हाल ही में अलगाववादी गुरपतवंत सिंह पन्नू ने एक वीडियो जारी करते हुए आरोप लगाया कि केजरीवाल के नेतृत्व में आम आदमी पार्टी को 2014 से 2022 के बीच अलगाववादी समूहों से 16 मिलियन अमेरिकी डॉलर मिले।

इस मामले में दिल्ली के उपराज्यपाल को भी एक शिकायत मिली है, जिसमें केजरीवाल पर प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन सिख फॉर जस्टिस से फंड लेने का आरोप लगाया गया है। एलजी ने इस मामले में जांच के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय को पत्र लिखा है।

दिलचस्प बात यह है कि पंजाब की स्थानीय सीपीआई इकाई और कांग्रेस ने हमेशा से जस्टिन ट्रूडो के खिलाफ बयान दिए हैं, फिर भी आम आदमी पार्टी इस मामले पर चुप्पी साधे हुए है।

इस विवाद में पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने भी ट्रूडो पर भारत-कनाडा संबंधों को बर्बाद करने का आरोप लगाया है और कहा है कि ट्रूडो की रुचि केवल अपने चुनाव में सिख वोट पाना है।

पंजाब में AAP सरकार की इस चुप्पी से सवाल उठ रहे हैं कि क्या पार्टी खालिस्तानी समर्थकों के डर से देश की सुरक्षा और एकता के प्रति अपने दायित्वों को नजरअंदाज कर रही है?

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