Tue Oct 29 05:21:33 UTC 2024: ## अलीगढ़ का विजयगढ़: वैद्यनगरी की कहानी
**अलीगढ़:** धनतेरस के अवसर पर आयुर्वेद की दुनिया में विजयगढ़, अलीगढ़ का नाम रोशन हो रहा है। यह क्षेत्र 150 वर्षों से आयुर्वेदिक दवाओं के उत्पादन का केंद्र रहा है। विजयगढ़ को “वैद्यनगरी” के नाम से जाना जाता है, जहां लगभग 1500 अलग-अलग आयुर्वेदिक दवाएं तैयार होती हैं। इनमें 800 पेटेंट और 500 शास्त्रोक्त दवाएं शामिल हैं।
विजयगढ़ में छह जीएमपी मानक से प्रमाणित आयुर्वेदिक औषधि निर्माणशालाएं हैं। यहां की दवाओं की उत्तर प्रदेश के साथ राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, जम्मू कश्मीर, उत्तराखंड, बिहार, ओडिशा, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात तक जबरदस्त मांग है।
विजयगढ़ के आयुर्वेदिक इतिहास में ब्रिटिश हुकूमत में अंग्रेज वायसराय को क्लोराइटस नाम की बीमारी होने का प्रसंग भी शामिल है। वैद्य राधावल्लभ को कोलकाता से विजयगढ़ बुलाया गया था, जहां उन्होंने मठ्ठे से होने वाली कल्प चिकित्सा पद्वति से वायसराय का इलाज किया था। इस घटना के बाद विजयगढ़ का नाम और भी मशहूर हुआ।
आयुर्वेद पद्धति सबसे पुरानी चिकित्सा पद्धति है और वर्तमान समय में इन दवाओं का प्रयोग बढ़ रहा है। विजयगढ़ में 700 लोगों को रोजगार मिल रहा है और 1000 से ज्यादा एजेंसी अलीगढ़ से बाहर काम कर रहीं हैं।
आयुर्वेद व जड़ी-बूटियों से औषधि तैयार करने में पीढ़ी दर पीढ़ी परिवार चला आ रहा है। सरकार से भी आयुर्वेद पद्धति को और आगे बढ़ाने व बढ़ावा देने के लिए कदम उठाने की मांग की जा रही है।