Wed Oct 16 16:43:28 UTC 2024: ## लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने जेनेवा में महात्मा गांधी की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि अर्पित की
**जेनेवा/नयी दिल्ली, 16 अक्टूबर (वार्ता)** – 149वीं अंतर संसदीय संघ (आईपीयू) एसेंबली में भारतीय संसदीय शिष्टमंडल का नेतृत्व कर रहे लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला ने जेनेवा में महात्मा गांधी की प्रतिमा पर श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि शांति और अहिंसा के प्रतीक राष्ट्रपिता महात्मा गांधी से आज भी विश्व के नेताओं तथा राष्ट्रों को प्रेरणा मिलती है।
श्री बिरला ने कहा कि गांधीजी की शिक्षाएं देशकाल की सीमाओं से परे हमें याद दिलाती हैं कि जलवायु परिवर्तन, महिला-पुरुष समानता या संघर्ष जैसी वैश्विक चुनौतियों का समाधान एकजुटता, संवेदनशीलता और सहयोग से ही किया जा सकता है।
इस बीच, श्री बिरला ने विभिन्न देशों की संसदों के पीठासीन अधिकारियों के साथ संसदीय रुचि के मुद्दों पर विचार साझा किए। उन्होंने स्विट्जरलैंड, थाईलैंड, आर्मीनिया, मालदीव और नेपाल के संसदीय नेताओं से मुलाकात की और द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने पर जोर दिया।
श्री बिरला ने स्विट्जरलैंड के साथ पिछले साल मैत्री संधि की 75वीं वर्षगांठ मनाने की बात का उल्लेख करते हुए दोनों देशों के बीच संसदीय सहयोग को और मजबूत करने का आग्रह किया। उन्होंने थाईलैंड के साथ व्यापार और निवेश, संपर्क, संस्कृति और पर्यटन, शिक्षा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, तथा लोगों के बीच आदान-प्रदान सहित कई क्षेत्रों में बहुआयामी द्विपक्षीय संबंधों पर विचार साझा किए।
आर्मीनिया के साथ साझा मूल्यों और दोनों देशों के लोगों के बीच गहरी मित्रता की भावना पर आधारित सौहार्दपूर्ण संबंधों पर बात करते हुए, श्री बिरला ने व्यापार और निवेश की साझेदारी को बढ़ाने की संभावनाओं पर जोर दिया। उन्होंने मालदीव के साथ ऐतिहासिक रूप से घनिष्ठ संबंधों पर प्रकाश डाला और लोकतांत्रिक सिद्धांतों को बढ़ावा देने के लिए संसदीय प्रथाओं को साझा करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
नेपाल के साथ साझा इतिहास और संस्कृति के संरक्षक होने के कारण दोनों देशों के लोगों के बीच गहरे भावनात्मक जुड़ाव का उल्लेख करते हुए, श्री बिरला ने दोनों देशों के बीच संबंधों को और मजबूत करने के लिए परस्पर लाभकारी संवाद की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारत की ‘नेबरहुड फ़र्स्ट’ नीति में नेपाल का प्रमुख स्थान है और सभी क्षेत्रों में दोनों देशों के विशेष संबंधों को मजबूत करने की भारत की प्रतिबद्धता की पुष्टि की।