Tue Oct 15 01:21:26 UTC 2024: ## मिसाइल मैन डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम: सादगी और ज्ञान का प्रतीक
भारत के पूर्व राष्ट्रपति और प्रख्यात वैज्ञानिक डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम का निधन 27 जुलाई, 2015 को शिलांग में हुआ। उन्हें ‘मिसाइल मैन’ के नाम से जाना जाता था और वे अपने सरल जीवन, देशभक्ति, और युवाओं को प्रेरित करने के लिए जाने जाते थे।
डॉ. कलाम का जन्म 15 अक्टूबर, 1931 को तमिलनाडु के एक छोटे से गांव में हुआ था। एक साधारण परिवार में जन्मे डॉ. कलाम ने अपने जीवन में कई कठिनाइयों का सामना किया, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी। उन्होंने शिक्षा को तरक्की का साधन माना और देश के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया।
अपने जीवन में उन्होंने न केवल मिसाइल तकनीक में महत्वपूर्ण योगदान दिया, बल्कि शिक्षा के क्षेत्र में भी युवाओं को प्रेरित करने का काम किया। उन्होंने कहा, “अगर आप सूर्य की तरह चमकना चाहते हैं, तो पहले सूरज की तरह जलना सीखें।” डॉ. कलाम का मानना था कि सफलता का रास्ता परिश्रम से होकर गुजरता है। उन्होंने कहा, “आप अपना भविष्य नहीं बदल सकते, लेकिन अपनी आदतें बदल सकते हैं।”
अपने सरल स्वभाव और मानवता के प्रति प्रेम के लिए डॉ. कलाम को दुनियाभर में सम्मानित किया गया। उनके जन्मदिन 15 अक्टूबर को “विश्व विद्यार्थी दिवस” के रूप में मनाया जाता है। डॉ. कलाम की विरासत आज भी लाखों युवाओं को प्रेरित करती है।