Fri Oct 11 00:41:03 UTC 2024: ## नवरात्रि का अंतिम दिन आज, दुर्गा अष्टमी और महा नवमी का संयोग

**नई दिल्ली:** आज 11 अक्टूबर, शुक्रवार को शारदीय नवरात्रि का अंतिम दिन है. आज दुर्गा अष्टमी और महा नवमी का संयोग है. इस दिन मां महागौरी और मां सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है.

पंचांग के अनुसार, अश्विन शुक्ल अष्टमी को दुर्गा अष्टमी और नवमी तिथि को महा नवमी के नाम से जाना जाता है. दुर्गा अष्टमी के दिन मां दुर्गा के आठवें और महा नवमी को नौवें स्वरूप की पूजा की जाती है.

इस बार दुर्गा अष्टमी और महा नवमी के दिन सुकर्मा योग बना है. इस दिन कन्या पूजा और नवरात्रि का हवन करने का विधान है.

**मुहूर्त और पूजा विधि:**

* आज अष्टमी तिथि दोपहर 12:06 बजे तक है. उसके बाद से नवमी तिथि लग जाएगी.
* ब्रह्म मुहूर्त सुबह 04:41 ए एम से 05:30 ए एम तक है.
* अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11:44 बजे से 12:31 बजे तक है.
* ब्रह्म मुहूर्त में स्नान आदि से निवृत होकर व्रत और पूजा का संकल्प करें.
* शुभ मुहूर्त में मां महागौरी और मां सिद्धिदात्री का जल से अभिषेक करें.
* उनको लाल पुष्प, अक्षत्, सिंदूर, धूप, दीप, गंध, मौसमी फल, नैवेद्य आदि चढ़ांए.
* मां महागौरी को नारियल या उससे बनी मिठाई का भोग लगाएं.
* मां सिद्धिदात्री को तिल, हलवा, पूड़ी, नारियल, चना, खीर, आदि का भोग लगाएं.
* पूजा के समय आप महागौरी और सिद्धिदात्री मंत्र का उच्चारण करें.
* उसके बाद दुर्गा चालीसा, दुर्गा सप्तशती का पाठ करें.
* नवरात्रि का हवन करें.
* फिर कन्याओं को पूजा के लिए आमंत्रित करें. विधि और नियम पूर्वक कन्या पूजा करें. उनको उपहार दें और आशीर्वाद लें.

**मां महागौरी और मां सिद्धिदात्री की पूजा से लाभ:**

* मां महागौरी की पूजा करने वालों को सुख, समृद्धि, दीर्घायु की प्राप्ति होती है, वहीं उनके पाप, कष्ट आदि मिट जाते हैं.
* मां सिद्धिदात्री की कृपा से व्यक्ति को मोक्ष मिलता है, वह पाप, कष्ट आदि से मुक्त हो जाता है. देवी के आशीर्वाद से व्यक्ति को 8 सिद्धियां और 9 निधियां मिलती हैं. रोग और ग्रह दोष भी दूर होते हैं.

Read More