Thu Oct 03 15:49:18 UTC 2024: ## झारखंड सीजीएल परीक्षा में गड़बड़ी: हजारों अभ्यर्थी सड़क पर उतरे, मांग की परीक्षा रद्द

**रांची:** झारखंड स्टाफ सेलेक्शन कमीशन (जेएसएससी) द्वारा आयोजित सामान्य स्नातक स्तरीय संयुक्त प्रतियोगिता (सीजीएल) परीक्षा में व्यापक गड़बड़ी के आरोपों के चलते, हजारों अभ्यर्थियों ने सोमवार को रांची में कमीशन के कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने परीक्षा को रद्द करने की मांग की और कमीशन के खिलाफ नारेबाजी की।

प्रदर्शन के दौरान, प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की बैरिकेडिंग तोड़ने का प्रयास किया, जिसके फलस्वरूप दोनों पक्षों के बीच हल्की झड़प हुई। यह तीसरा विरोध प्रदर्शन था जो पिछले एक हफ्ते में छात्रों द्वारा किया गया था।

अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि जेएसएससी ने एक तरफ गड़बड़ी की जांच के लिए समिति गठित की है, दूसरी तरफ परीक्षा का आंसर-की जारी कर दिया गया है, जिससे उनकी मंशा पर संदेह उत्पन्न होता है।

गौरतलब है कि 21-22 सितंबर को राज्य भर में 823 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित इस परीक्षा में लगभग 3 लाख 4 हजार 769 अभ्यर्थी शामिल हुए थे। परीक्षा समाप्त होने के बाद से ही अभ्यर्थी पेपर लीक और प्रश्नपत्रों में पिछले वर्षों की रद्द परीक्षाओं के प्रश्नों के दोहराए जाने के आरोपों को लेकर आवाज उठा रहे थे।

राज्य के कई शहरों में छात्रों ने प्रदर्शन किए, जिसमें रांची और हजारीबाग शामिल हैं। सोमवार को हजारीबाग से एक समूह पैदल मार्च करके रांची पहुंचा। अभ्यर्थियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से मुलाक़ात कर गड़बड़ी के आरोपों और साक्ष्यों के साथ जांच की मांग की थी। इसके बाद राज्यपाल ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और जेएसएससी को मामले की जांच करने के लिए पत्र लिखा था।

यह ध्यान देने योग्य है कि जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा की प्रक्रिया पिछले नौ सालों से चल रही है। इस दौरान जेएसएससी ने चार बार आवेदन मांगे, सात बार परीक्षा की तारीखें तय कीं और टालीं। आठवीं बार परीक्षा शुरू हुई तो पेपर लीक हो गया। नौवीं बार जेएसएससी ने अगस्त 2024 के तीसरे हफ्ते में परीक्षा की डेडलाइन तय की, लेकिन, इसका पालन नहीं हो सका। दसवीं बार तय तारीखों में 21-22 सितंबर को परीक्षा आयोजित की गई। पेपर लीक को रोकने के लिए सरकार ने राज्य में परीक्षा के दौरान इंटरनेट सेवा पूरी तरह बंद कर दी थी। हालांकि, झारखंड हाईकोर्ट ने इंटरनेट को पूरी तरह बंद करने के फैसले को गलत बताया था।

Read More