Wed Oct 02 05:55:57 UTC 2024: ## महालया 2024: नवरात्रि की शुरुआत से पहले देवी दुर्गा का आगमन

**नई दिल्ली:** आज, 2 अक्टूबर, हिंदू धर्म में महालया पर्व मनाया जा रहा है। यह पर्व नवरात्रि की शुरुआत से एक दिन पहले होता है और इस दिन आदिशक्ति मां दुर्गा का धरती पर आगमन माना जाता है। कल, 3 अक्टूबर से शारदीय नवरात्रि शुरू हो जाएगी।

महालया के दिन देवी भागवती का आह्वान किया जाता है। इस दिन को सर्व पितृ अमावस्या के नाम से भी जाना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि यह पितरों की आत्माशांति और मोक्ष दिलाने के लिए आखिरी दिन होता है। इस दिन श्राद्ध व तर्पण पाकर पितर सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देते हुए पितृ लोक वापस चले जाते हैं। वहीं, इस दिन मां दुर्गा भी कैलाश पर्वत से विदा लेती हैं और धरती लोक पर भ्रमण के लिए आती हैं।

**महत्वपूर्ण तथ्य:**

* इस साल महालया अमावस्या तिथि 01 अक्टूबर की रात 09 बजकर 34 मिनट पर शुरू हुई और 02 अक्टूबर की देर रात 12 बजकर 18 मिनट पर समाप्त होगी।
* धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, महालया अमावस्या पर पितरों का श्राद्ध कर्म करने के बाद वह पितृ लोक लौट जाते हैं।
* इस दिन मां दुर्गा की मूर्ति को अंतिम रूप दिया जाता है और पूजा पंडाल को सजाने का काम शुरू कर दिया जाता है।
* मान्यता है कि अश्विन माह के सर्व पितृ अमावस्या तिथि के दिन ही देवताओं ने अत्याचारी राक्षस महिषासुर का वध करने के लिए देवी भगवती से प्रार्थना की थी।
* अगले दिन अश्विन माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को मां दुर्गा ने धरती पर अवतरित होकर नौ दिनों तक नौ रूपों में कठिन तपस्या करने के बाद महिषासुर का वध किया था।

**महालया पर विशेष कार्य:**

* पितरों का श्राद्ध व तर्पण करें।
* पीपल के पेड़ की पूजा करें और उसके नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं।
* सायंकाल में देवी दुर्गा की पूजा करें और महिषासुर मर्दिनी का पाठ करें।

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