Mon Sep 30 16:20:12 UTC 2024: ## सूर्य ग्रहण 2024: अग्नि वलय, राजनीतिक उथल-पुथल और प्राकृतिक आपदाओं की आशंका
**नई दिल्ली:** 2 अक्टूबर 2024 को होने वाले सूर्य ग्रहण को “रिंग ऑफ फायर” के रूप में जाना जाएगा, जहां चंद्रमा सूर्य को पूरी तरह से ढकने के बजाय एक चमकदार अग्नि वलय जैसा दृश्य पैदा करेगा। यह ग्रहण कन्या राशि और हस्त नक्षत्र में होगा और बुध, केतु और सूर्य तीनों ग्रह इस दौरान कन्या राशि में रहेंगे। यह ग्रहण दक्षिण अमेरिका, उत्तरी-अमेरिका के दक्षिणी भागों, प्रशान्त महासागर, एटलांटिक महासागर और न्यूजीलैंड, फिजी आदि देशों में दिखाई देगा। हालांकि, भारत में यह ग्रहण दिखाई नहीं देगा, इसलिए इसका सूतक काल मान्य नहीं होगा।
ज्योतिषाचार्या नीतिका शर्मा के अनुसार, इस सूर्य ग्रहण के कारण प्राकृतिक आपदाओं जैसे भूकंप, आगजनी, और गैस दुर्घटनाओं की संभावना है। राजनीतिक अस्थिरता, सीमा पर तनाव, और आंदोलनों की आशंका भी है।
वह यह भी बताती हैं कि ग्रहण के प्रभाव से रोजगार के क्षेत्र में वृद्धि और आय में बढ़ोतरी हो सकती है। देश की अर्थव्यवस्था के लिए यह ग्रहण शुभ रहेगा, हालांकि खाने की चीजों की कीमतें सामान्य रहेंगी।
इस सूर्य ग्रहण से आंख, नाक और कान को प्रभावित करने वाले रोग, पेट से जुड़े रोग और शेयर बाजार में बड़ा उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
शर्मा ने कहा कि ग्रहण के दौरान राहु की सीधी दृष्टि बुध, केतु और सूर्य पर रहने से वैश्विक स्तर पर घटनाएं काफी प्रभावित होंगी। इसके अलावा, मिडिल ईस्ट के देशों में स्थिति बिगड़ सकती है, तनाव बढ़ सकता है और जनहानि की भी संभावना है। यहां पर लोग भयभीत रहेंगे और घातक हथियारों का प्रयोग हो सकता है। सेनाएं अलर्ट मोड में रहेंगी।
**सूर्य ग्रहण 2024 की मुख्य बातें:**
* तिथि: 2 अक्टूबर 2024
* प्रारंभ: 09:13 मिनट
* समाप्त: 03:17 मिनट
* कुल अवधि: 6 घंटे 04 मिनट
* दृश्यता: दक्षिण अमेरिका, उत्तरी-अमेरिका के दक्षिणी भाग, प्रशान्त महासागर, एटलांटिक महासागर, न्यूजीलैंड, और फिजी
* भारत में दृश्यता: नहीं
* सूतक काल: मान्य नहीं