Thu Sep 12 12:33:05 UTC 2024: ## जम्मू-कश्मीर: आतंकवाद निधि मामले में जमानत पर रिहा हुए इंजीनियर राशिद, ‘मोदी के नये कश्मीर’ को चुनौती देने का दावा

बारामुला से सांसद इंजीनियर राशिद, जो आतंकवाद निधि मामले में जेल में बंद थे, को जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनावों के प्रचार के लिए अंतरिम जमानत मिल गई है। जेल से बाहर आते ही उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के ‘नये कश्मीर’ नैरेटिव को चुनौती देने का दावा करते हुए कहा, “मैं अपने लोगों को निराश नहीं करूंगा। मैं शपथ लेता हूं कि मैं पीएम मोदी के नया कश्मीर नैरेटिव से लड़ूंगा, जो जम्मू-कश्मीर में पूरी तरह नाकाम हो गया है।”

राशिद, जिनका असली नाम शेख अब्दुल रशीद है, जम्मू-कश्मीर अवामी इत्तेहाद पार्टी के संस्थापक हैं। वे लंगेट निर्वाचन क्षेत्र से दो बार विधायक रहे हैं। 2019 में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने टेरर फंडिंग के आरोप में यूएपीए कानून के तहत उन्हें गिरफ्तार किया था। तब से वे तिहाड़ जेल में बंद थे।

एनआईए के अनुसार, राशिद अलगाववाद की विचारधारा का प्रचार करते रहे हैं। उन्होंने कई सार्वजनिक मंचों का इस्तेमाल करके लोगों को देश के खिलाफ भड़काया। वे जम्मू-कश्मीर में भारत विरोधी आतंकवादी समूहों के मंच, यूनाइटेड जिहाद काउंसिल (यूजेसी) को वैधता प्रदान करना चाहते थे।

एनआईए ने एक गवाह के बयान पर भरोसा किया, जिसने 2011 से 2014 तक राशिद के लिए काम करने का दावा किया था। उसने हवाला डीलर जहूर अहमद शाह वटाली को राशिद को पैसे से भरा एक लिफाफा देते देखा था।

राशिद की रिहाई और उनकी बयान से जम्मू-कश्मीर में चुनावों से पहले राजनीतिक माहौल गरमा गया है। यह देखना होगा कि आने वाले चुनावों में राशिद की भूमिका क्या होगी और उनका ‘मोदी के नये कश्मीर’ को चुनौती देने का दावा कितना सफल होगा।

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