Wed Feb 12 09:58:36 UTC 2025: ## रविदास जी के दोहे आज भी प्रासंगिक: गुरु रविदास जयंती पर विशेष

**वाराणसी, फरवरी 2025:** 15वीं शताब्दी के संत कवि रविदास जी के दोहे आज भी अपनी प्रासंगिकता बरकरार रखते हैं। गुरु रविदास जयंती के अवसर पर उनकी रचनाओं को याद करते हुए, यह स्पष्ट होता है कि उन्होंने अपने दोहों के माध्यम से समाज में व्याप्त कुरीतियों और असमानता का डटकर विरोध किया था। उनके जीवन और शिक्षाओं का अध्ययन आज भी समाज सुधार के लिए प्रेरणादायक है। आगामी गुरु रविदास जयंती (तारीख की घोषणा जल्द ही की जाएगी) पर उनके जीवन और कार्यो को व्यापक रूप से मनाया जाएगा। इस अवसर पर उनकी कुछ प्रसिद्ध रचनाओं का अर्थ सहित विश्लेषण भी किया जाएगा। इसके अलावा, माघ पूर्णिमा और कुंभ संक्रांति जैसे अन्य महत्वपूर्ण व्रत और त्योहारों की तिथियां भी जल्द ही जारी की जाएंगी (10 से 16 फरवरी 2025 के बीच)।

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