Wed Nov 20 20:23:31 UTC 2024: ## मोदी का गुयाना दौरा: इतिहास और भविष्य का संगम
**जॉर्जटाउन, गुयाना:** प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दो दिवसीय गुयाना दौरे ने भारत और इस छोटे से दक्षिण अमेरिकी देश के बीच के गहरे ऐतिहासिक संबंधों को और मजबूत किया है। 8 लाख की आबादी वाले गुयाना में लगभग 40% लोग भारतीय मूल के हैं, जिनके पूर्वज 19वीं सदी में गिरमिटिया मजदूर के रूप में यहां आए थे। राष्ट्रपति इरफान अली स्वयं भारतीय मूल के हैं।
1838 से 1917 के बीच, लगभग 2 लाख से ज़्यादा भारतीयों को ब्रिटिश गुयाना (आज का गुयाना) में गन्ने के बागानों में काम करने के लिए लाया गया था। इन गिरमिटिया मजदूरों ने गुयाना की अर्थव्यवस्था में चीनी उद्योग को प्रमुख स्थान दिलाया और देश के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया। स्वतंत्रता के बाद भी, कई भारतीय वहीं बस गए, जिससे गुयाना में भारतीय संस्कृति का व्यापक प्रभाव दिखाई देता है। दिवाली और होली जैसे त्यौहार यहां बड़े उत्साह से मनाए जाते हैं।
हाल के वर्षों में, गुयाना ने तेल और गैस के विशाल भंडारों की खोज के बाद अभूतपूर्व आर्थिक विकास देखा है। 2015 में एक्सॉन मोबिल द्वारा किए गए इस खोज के परिणामस्वरूप, देश की अर्थव्यवस्था में चार गुना वृद्धि हुई है और आने वाले वर्षों में और अधिक वृद्धि की उम्मीद है।
भारत ने भी गुयाना के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। कोविड-19 महामारी के दौरान, भारत ने वैक्सीन मैत्री पहल के तहत गुयाना को कोविशील्ड वैक्सीन की 80,000 खुराकें प्रदान कीं और स्वास्थ्य सेवा बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में मदद की। प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत करने और भविष्य के लिए रणनीतिक साझेदारी स्थापित करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। यह इंदिरा गांधी के बाद गुयाना की यात्रा करने वाले दूसरे भारतीय प्रधानमंत्री हैं।