Tue Nov 19 19:23:16 UTC 2024: ## इंदिरा गांधी के 1977 के चुनावी हार के बाद के संघर्षों का खुलासा

**लखनऊ:** 1977 में चुनाव हारने के बाद इंदिरा गांधी ने राजनीति से संन्यास लेने तक का विचार कर लिया था, यह खुलासा उनके तत्कालीन निजी सचिव जेएन मिश्रा ने किया है। मिश्रा ने बताया कि 1977 से 1979 के बीच का समय पूर्व प्रधानमंत्री के लिए बेहद संघर्षपूर्ण रहा। कांग्रेस के कई बड़े नेताओं ने उनका साथ छोड़ दिया था और वह इतनी निराश हो गई थीं कि मां आनंदमयी के आश्रम जाने का फैसला तक कर लिया था।

हालांकि, उनके बेटे संजय गांधी ने उन्हें इस मुश्किल घड़ी में संभाला और दो साल के कड़े संघर्ष के बाद इंदिरा गांधी फिर से देश की प्रधानमंत्री बनीं। मिश्रा ने संजय गांधी की इस महत्वपूर्ण भूमिका पर ज़ोर दिया।

मिश्रा ने यह भी बताया कि इंदिरा गांधी हमेशा बालिका शिक्षा के प्रति बेहद गंभीर रहीं और उन्हीं की प्रेरणा से उन्होंने कई शिक्षण संस्थान खोले, जिनमें हनुमानगंज के जमुनीपुर में प्रियदर्शनी बालिका इंटर कॉलेज भी शामिल है।

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