Tue Nov 12 09:12:12 UTC 2024: ## देवोत्थान एकादशी: भगवान विष्णु का जागरण और तुलसी विवाह
**नई दिल्ली:** कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी, जिसे देवउठनी एकादशी या तुलसी विवाह के नाम से जाना जाता है, इस साल 12 नवंबर को मनाई जाएगी। यह दिन भगवान विष्णु के चार महीने की योग निद्रा से जागने का प्रतीक है।
इस दिन लोग व्रत रखते हैं, भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा करते हैं, और देवउठनी एकादशी की कथा का पाठ करते हैं।
हिंदू धर्म में इस दिन को बहुत महत्व दिया जाता है। माना जाता है कि देवउठनी एकादशी से सभी रुके हुए काम शुरू हो जाते हैं, देवी-देवता जागते हैं, और सभी शुभ कार्य, जैसे शादी, गृह प्रवेश, और मुंडन शुरू हो जाते हैं।
इस दिन तुलसी विवाह का आयोजन भी किया जाता है, जिसमें तुलसी जी का विवाह भगवान विष्णु के शालिग्राम स्वरूप से होता है। तुलसी जी की आरती और मंत्रों का पाठ इस विवाह के दौरान करना चाहिए।
देवउठनी एकादशी की कथा एक राजा और एक नौकर की कहानी बताती है जो एकादशी के व्रत को लेकर परेशानी में फंस जाते हैं। अंततः भगवान विष्णु प्रकट होकर नौकर के साथ भोजन करते हैं, और राजा को सच्चा व्रत और मन की पवित्रता का महत्व समझाते हैं।
**यह जानकारी केवल धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है। किसी भी जानकारी को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।**