Mon Nov 11 05:47:15 UTC 2024: ## जस्टिस संजीव खन्ना बने भारत के 51वें मुख्य न्यायाधीश

नई दिल्ली: सोमवार को राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक साधारण और गरिमापूर्ण समारोह में जस्टिस संजीव खन्ना ने भारत के 51वें मुख्य न्यायाधीश पद की शपथ ली। राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु ने उन्हें पद की शपथ दिलाई। इससे पहले जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ 10 नवंबर को 65 साल की उम्र में रिटायर हो गए थे। जस्टिस खन्ना का नाम जस्टिस चंद्रचूड़ ने ही मुख्य न्यायाधीश पद के लिए सुझाया था।

14 मई 1960 को जन्मे जस्टिस संजीव खन्ना ने दिल्ली विश्वविद्यालय के कैंपस लॉ सेंटर से कानून की पढ़ाई की। तीसरी पीढ़ी के वकील रह चुके जस्टिस खन्ना दिल्ली हाई कोर्ट के जज बनने से पहले राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) के कार्यकारी अध्यक्ष भी रह चुके हैं।

जनवरी 2019 से सुप्रीम कोर्ट के जज के रूप में कार्यरत जस्टिस खन्ना कई ऐतिहासिक फैसलों का हिस्सा रहे हैं। इनमें EVM की पवित्रता को बनाए रखना, चुनावी बॉन्ड योजना को खत्म करना, अनुच्छेद 370 को निरस्त करना और दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल को अंतरिम जमानत देना जैसे महत्वपूर्ण फैसले शामिल हैं।

सुप्रीम कोर्ट में वरिष्ठता नियम के मुताबिक, जस्टिस संजीव खन्ना 11 नवंबर 2024 से 13 मई 2025 तक 6 महीने के लिए भारत के 51वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में देश की न्यायपालिका का नेतृत्व करेंगे।

यह ध्यान देने योग्य है कि जस्टिस संजीव खन्ना दिल्ली हाई कोर्ट से सीधे सुप्रीम कोर्ट में पदोन्नत होने वाले छह जजों में से एक हैं। उनके चाचा जस्टिस हंस राज खन्ना भी एक जाने-माने न्यायाधीश थे जिन्होंने 1976 में एडीएम, जबलपुर बनाम शिवकांत शुक्ला, (1976) के बंदी प्रत्यक्षीकरण मामले में एकमात्र असहमतिपूर्ण निर्णय दिया था।

जस्टिस संजीव खन्ना 13 मई 2025 को अपने 65 वें जन्मदिन से एक दिन पहले रिटायर होंगे।

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