Sat Nov 09 22:29:02 UTC 2024: ## भारत ने एक महान सपूत खोया: प्रधानमंत्री मोदी ने रतन टाटा को याद करते हुए लिखा लेख
**नई दिल्ली:** देश के दिग्गज उद्योगपति रतन टाटा के निधन के लगभग एक महीने बाद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए एक भावुक लेख लिखा है। लेख में मोदी जी ने कहा कि रतन टाटा जी के हमसे दूर चले जाने का दुख अभी तक मन में है और इसे भुला पाना आसान नहीं है। उन्होंने टाटा जी को एक महान सपूत बताया जो “एक अमूल्य रत्न” थे, जिसके निधन का दुख न केवल भारत बल्कि पूरी दुनिया महसूस कर रही है।
मोदी ने अपने लेख में टाटा जी के जीवन को प्रेरणादायी बताया, जो युवाओं के लिए एक आदर्श थे। उन्होंने कहा कि टाटा जी ने दुनिया को सिखाया कि विनम्रता के साथ दूसरों की मदद करते हुए भी सफलता प्राप्त की जा सकती है। मोदी ने टाटा ग्रुप को ईमानदारी का प्रतीक बताया, जिसने टाटा जी के नेतृत्व में विश्व स्तर पर सम्मान, ईमानदारी और विश्वसनीयता हासिल की।
पीएम मोदी ने टाटा जी के दूसरों के सपनों का समर्थन करने की क्षमता को भी सराहा। उन्होंने बताया कि टाटा जी ने भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और युवा उद्यमियों को जोखिम लेने और सीमाओं को पार करने के लिए प्रेरित किया। मोदी ने कहा कि टाटा जी के इस कदम ने भारत में नवाचार और उद्यमिता की संस्कृति को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
मोदी ने आगे कहा कि टाटा जी ने हमेशा बेहतरीन गुणवत्ता के उत्पादों और सेवाओं पर जोर दिया, जिससे भारतीय उद्यमों को विश्व स्तर पर अपना मुकाम बनाने का रास्ता दिखा। उन्होंने कहा कि टाटा जी का यह दृष्टिकोण आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेगा और भारत को विश्व स्तरीय गुणवत्ता के लिए पहचाना जाएगा।
लेख में पीएम मोदी ने टाटा जी के सभी जीव-जंतुओं के प्रति करुणा और पशु कल्याण के प्रति समर्पण पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने टाटा जी के जीवन को एक प्रेरणा बताया जो हमें सिखाता है कि नेतृत्व केवल उपलब्धियों से ही नहीं बल्कि सबसे कमजोर लोगों की देखभाल करने की क्षमता से भी मापा जाता है।
लेख में पीएम मोदी ने अपने और रतन टाटा के बीच घनिष्ठ संबंधों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि दोनों ने गुजरात में साथ मिलकर कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर काम किया और केंद्र में आने के बाद भी यह संबंध बना रहा।
मोदी ने रतन टाटा के जीवन की गाथा को एक प्रेरणा बताया जो हमें एक बेहतर और अधिक सार्थक समाज बनाने के लिए प्रेरित करेगा। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियां टाटा जी की विरासत को याद रखेंगी और उनके सपनों को साकार करने के लिए प्रयासरत रहेंगी।