Thu Nov 07 23:05:44 UTC 2024: ## छठ महापर्व 2024: सूर्य को अर्घ्य, देश भर में धूम

**नई दिल्ली/पटना/कोलकाता:** कार्तिक महीने की शुक्ल पक्ष में मनाया जाने वाला लोक आस्था का महापर्व छठ गुरुवार को अपने दूसरे चरण में पहुंच गया. देश भर में छठ व्रतियों ने अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य दिया. इस दौरान, यमुना घाट, गंगा घाट और विभिन्न झीलों व तालाबों को दुल्हन की तरह सजाया गया था.

चार दिन चलने वाले इस पर्व की शुरुआत मंगलवार को ‘नहाय-खाय’ के साथ हुई थी, जबकि बुधवार को खरना प्रसाद बनाया गया था. शुक्रवार को उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ ही छठ महापर्व का समापन होगा.

दिल्ली के यमुना घाट के अलावा अस्थायी घाटों पर भी छठ पूजा की व्यवस्था की गई है. बिहार के गंगा घाटों, पटना, बक्सर, वैशाली, मुजफ्फरपुर, मुंगेर, भागलपुर में भी भक्तों ने सूर्य को अर्घ्य दिया. कई लोग घरों की छतों और तालाबों में भी अर्घ्य देने पहुंचे.

**केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी छठ दर्शन के लिए पटना पहुंचे.** दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी ने भी छठ पूजा में हिस्सा लिया.

पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में भी छठ मनाया जा रहा है, जहां मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी छठ व्रतियों के बीच मौजूद रहीं.

**बिहार में छठ के लिए व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं.** 100 से ज़्यादा घाटों पर मेडिकल कैंप लगाए गए हैं. दिल्ली में यमुना नदी में प्रदूषण के कारण हाईकोर्ट ने छठ मनाने की परमिशन नहीं दी थी, इसलिए सरकार ने 1000 आर्टिफिशियल छठ घाट बनाए हैं.

**उत्तर प्रदेश में भी छठ का पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है.** वाराणसी, मिर्जापुर, लखनऊ सहित सभी जिलों में छठ घाटों पर सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं.

शास्त्रों में छठ माता को सूर्यदेव की बहन माना गया है. छठी माता संतान की रक्षा करती हैं.

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**इस पर्व के पीछे मानवीय संवेदनाओं और सरोकारों का विशाल सरगम है.** छठ महापर्व देश भर में प्रेम, भक्ति और आस्था का प्रतीक है.

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