Wed Nov 06 08:37:57 UTC 2024: ## लोक गायिका शारदा सिन्हा का निधन, छठ पूजा के पहले दिन मातम छाया

**सुपौल:** सुप्रसिद्ध लोक गायिका शारदा सिन्हा का मंगलवार की रात निधन हो गया। उनके निधन की खबर सुनते ही उनके पैतृक गांव हुलास पंचायत वार्ड 2 में मातम छा गया। शारदा सिन्हा को चाहने वालों के आंसू थम नहीं रहे हैं।

1978 में छठ पूजा के गीत ‘उग हो सूरज देव’ गाकर शारदा सिन्हा ने लोक गायिका के तौर पर अपनी अलग पहचान बनाई थी। उनके लाखों प्रशंसक हैं। छठ पूजा के पहले दिन उनका दुनिया से अलविदा कहना सभी को भावुक कर रहा है।

शारदा सिन्हा का जन्म 1 अक्टूबर 1952 को हुआ था। वह अपने 8 भाई-बहनों में इकलौती थीं। उनके पिता शिक्षा विभाग में एक वरिष्ठ अधिकारी थे। बचपन से ही शारदा को संगीत से लगाव था और उन्होंने अपने ही गांव के एक संगीत शिक्षक रामचन्द्र झा से पारंपरिक तरीके से संगीत शिक्षा प्राप्त की।

उनके पिता ने उनका पूरा साथ दिया और उन्हें गायिकी करने के लिए प्रोत्साहित किया। हुलास पंचायत के दुर्गा मंदिर में हुए एक सांस्कृतिक कार्यक्रम में शारदा ने पहली बार स्टेज पर अपनी प्रतिभा दिखाई थी। इसके बाद उनकी गायिकी का जादू लोगों पर छा गया। धीरे-धीरे शारदा ने लोक गायिकी की दुनिया में अपनी बेमिसाल पहचान बनाई।

शारदा सिन्हा के निधन से संगीत जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। उनका निधन संगीत के क्षेत्र के लिए एक अपूरणीय क्षति है।

Read More