Wed Oct 30 12:28:21 UTC 2024: ## रंगोली: दीपावली का अनिवार्य हिस्सा
पटना: दीपावली के पावन अवसर पर, घरों को सजाने की परंपरा में रंगोली एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। रंगोली को मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने और घर में समृद्धि लाने का प्रतीक माना जाता है। माना जाता है कि मां लक्ष्मी रंगोली से खुश होती हैं और अपने कुमकुम लगे पैरों से उसी जगह प्रवेश करती हैं जहाँ साफ-सफाई और रचनात्मकता होती है।
दीपावली पर रंगोली बनाने की परंपरा बहुत पुरानी है। श्रीराम के अयोध्या लौटने पर उनके स्वागत में अयोध्यावासियों ने रंगोली बनाकर अपने घरों को सजाया था। रंगोली को आलपोना, कोलम या आरीपोमा भी कहा जाता है। रंगोली के डिजाइन हर प्रांत, परंपरा और संस्कृति के अनुसार अलग-अलग होते हैं। रंगोली रंगे चावल के पाउडर, फूलों की पंखुड़ियों, हल्दी पाउडर और सिंदूर से बनाई जाती है।
आजकल रंगोली बनाना बहुत आसान हो गया है। बाजार में रेडिमेड रंगोली आसानी से मिल जाती हैं। स्टेंसिल की मदद से भी घर के सामने सुंदर रंगोली बनाई जा सकती है।
दीपावली पर रंगोली बनाना न सिर्फ घर की सुंदरता बढ़ाता है बल्कि हमारे पारंपरिक रिवाजों को भी जीवंत रखता है।