Wed Oct 30 02:58:16 UTC 2024: ## काली चौदस: धार्मिक महत्व और पूजा विधि

**अहमदाबाद:** दिवाली से एक दिन पहले आने वाली काली चौदस का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। इस दिन को नरक चौदस, भूत चौदस या रूप चौदस के नाम से भी जाना जाता है।

अंतरराष्ट्रीय ज्योतिषी और वास्तु विशेषज्ञ रविभाई जोशी ने बताया कि काली चौदस के दिन काली माता, हनुमानजी, काल भैरव, शनिदेव, यमदेव और यंत्रों की पूजा का विशेष महत्व है।

जोशी ने बताया कि बंगाली लोग इस दिन महाकाली माता की विशेष पूजा करते हैं। कहा जाता है कि इस दिन को नरक चौदस भी कहा जाता है क्योंकि काली माता ने नरकासुर का वध किया था। इसके साथ ही, भगवान कृष्ण ने नरकासुर द्वारा बंदी बनाई गई 16,100 रानियों को मुक्त कर उन्हें विवाह किया था।

इस दिन अभ्यंग स्नान और पूजा का विशेष महत्व है।

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