
Tue Oct 29 04:00:34 UTC 2024: ## भौम प्रदोष व्रत: 29 अक्टूबर को रखा जाएगा, जानिए क्या करें और क्या न करें
**उन्नाव:** सनातन धर्म में प्रदोष व्रत का विशेष महत्व है. माना जाता है कि इस व्रत को करने से महिलाओं को सुखी वैवाहिक जीवन का आशीर्वाद प्राप्त होता है. इस बार कार्तिक माह का पहला प्रदोष व्रत 29 अक्टूबर, मंगलवार को मनाया जाएगा. इस दिन हस्त नक्षत्र रहेगा. इस व्रत को भौम प्रदोष व्रत कहा जाता है.
ज्योतिषाचार्य ऋषिकांत मिश्र शास्त्री ने बताया कि कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि 29 अक्टूबर को शाम को 6:31 बजे शुरू होगी और 30 अक्टूबर को शाम को 6:14 बजे समाप्त होगी. प्रदोष व्रत में भगवान शिव की पूजा सूर्यास्त के बाद होती है.
शास्त्री ने बताया कि महिलाएं अपने वैवाहिक जीवन में खुशहाली लाने, वंश वृद्धि बढ़ाने और सुख समृद्धि बनाए रखने के लिए दूध में केसर मिलाकर प्रदोष काल में शिवलिंग पर अर्पित करें. साथ ही, जौ के आटे से बनी रोटियाँ गाय के बछड़े को खिलाएं. इससे घर में धन संपत्ति में वृद्धि होगी और इनकम की स्थिति भी सुधरेगी.
इसके अलावा, इस दिन कुछ कामों से बचना चाहिए. ज्योतिषाचार्य के अनुसार, भौम प्रदोष व्रत के दिन झूठ बोलना, चोरी करना, क्रोध करना, हिंसा करना, नकारात्मक विचार रखना, गाली-गलौज करना, मांसाहार, मदिरापान, व्यभिचार, कलह, पाप कर्म, द्वेष और लोभ से दूर रहना चाहिए.
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