Fri Oct 25 04:31:14 UTC 2024: **अहोई अष्टमी पर्व – मुख्य बिंदु:**

1. **तारीख:** अहोई अष्टमी का पर्व 24 अक्टूबर को मनाया जाएगा।
2. **महत्व:** निर्जला व्रत रखने से माता की संतान की दीर्घायु की मान्यता है।
3. **विशेष योग:** इस दिन गुरु पुष्य योग, सर्वाथसिद्धि योग, और बुद्धादित्य योग बन रहे हैं, जो व्रत के महत्व को बढ़ाते हैं।
4. **पूजन विधि:** महिलाएं इस दिन व्रत रखकर अहोई माता की कथा सुनती हैं और तारों को अर्घ्य देती हैं।
5. **पूजन का मुहूर्त:** शाम 5:41 से 6:58 बजे तक पूजा का मुहूर्त है, जबकि तारे रात 6:24 बजे उगेंगे।
6. **कथा का समय:** कथा का पाठ शाम या दोपहर में किया जाता है, लेकिन दोपहर 1:30 से 3 बजे के बीच राहुकाल के दौरान नहीं पढ़नी चाहिए।
7. **पूजन सामग्री:** करवे में अनाज और जल का उपयोग होता है, जिन्हें हल्दी और चावल से रंगा जाता है। चांदी की माला का महत्व है।
8. **अन्य क्रियाएँ:** पूजा के दौरान लक्ष्मी, गणेश, और अहोई माता को तिलक किया जाता है, हाथ में अनाज लेकर कथा सुनी जाती है, और आरती की जाती है। सास का आशीर्वाद लिया जाता है।
9. **दान:** इस दिन ब्राह्मण को दान देने का महत्व है।
10. **अगले वर्ष का विवरण:** 2024 में अहोई अष्टमी की तिथि 24 अक्टूबर को सुबह 1:18 बजे से शुरू होगी और 25 अक्टूबर को सुबह 1:58 बजे समाप्त होगी।

यह पर्व सामूहिकता और श्रद्धा के साथ मनाई जाने वाली एक महत्वपूर्ण परंपरा है।

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