Thu Oct 24 01:36:59 UTC 2024: **अहोई अष्टमी पर्व – महत्वपूर्ण बिंदु:**
1. **त्यौहार की तारीख**: अहोई अष्टमी का पर्व 24 अक्टूबर, 2023 को मनाया जाएगा।
2. **व्रत का महत्व**: यह निर्जला व्रत माता द्वारा संतान की लंबी उम्र के लिए रखा जाता है।
3. **विशेष योग**: इस दिन गुरु पुष्य योग, सर्वाथसिद्धि योग, और बुद्धादित्य योग बन रहे हैं, जो इस व्रत के महत्व को और बढ़ाते हैं।
4. **पूजा की विधि**:
– महिलाएं व्रत रखकर अहोई माता की कथा सुनती हैं और तारों को अर्घ्य अर्पित करती हैं।
– पूजा के लिए करवे का उपयोग किया जाता है, जिसमें एक में अनाज और दूसरे में जल भरकर अर्घ्य दिया जाता है।
– चांदी की माला को दूध से स्नान कराकर पूजा की जाती है।
5. **पूजन मुहूर्त**: पूजा का समय शाम 5:41 बजे से 6:58 बजे तक रहेगा, और तारों का उदय लगभग 6:24 बजे होगा।
6. **कथा पढ़ने का समय**: दोपहर 1:30 बजे से 3 बजे तक राहुकाल है, इस दौरान कथा नहीं पढ़नी चाहिए।
7. **दान और आशीर्वाद**: इस दिन सास को बायना दिया जाता है और ब्राह्मण को दान किया जाता है।
**चंद्रोदय**: रात्रि में 11:55 बजे होगा।
**अष्टमी तिथि**: 24 अक्टूबर 2024 को सुबह 1:18 बजे शुरू होगी और 25 अक्टूबर 2024 को 1:58 बजे समाप्त होगी।