Tue Oct 22 14:25:09 UTC 2024: **सारांश: ब्रिक्स समिट 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भागीदारी**
1. **समिट की जानकारी**: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रूस के कज़ान में 22 से 24 अक्टूबर तक होने वाली ब्रिक्स की 16वीं समिट में शामिल होने पहुंचे हैं।
2. **मुख्य नेता**: समिट में मोदी, रूस के राष्ट्रपति पुतिन, और चीन के राष्ट्रपति जिनपिंग पर ध्यान केंद्रित होगा। इनके बीच द्विपक्षीय बैठक की उम्मीद है।
3. **ब्रिक्स का विस्तार**: पिछले वर्ष ब्रिक्स में पांच नए देश शामिल हुए, जिससे अब इसकी सदस्यता 10 देशों तक पहुंच चुकी है।
4. **आर्थिक ताकत**: ब्रिक्स देशों की जीडीपी G-7 देशों से दोगुनी है। इसमें देखा गया कि वैश्विक जीडीपी में ब्रिक्स का हिस्सा 37.4% हो गया है, जबकि G-7 का हिस्सा 29.3% है।
5. **ऊर्जा क्षेत्र में दबदबा**: ब्रिक्स के सदस्यों में दुनिया के 9 सबसे बड़े तेल उत्पादकों में से 6 देश शामिल हैं, जो वैश्विक तेल उत्पादन का 43% नियंत्रित करते हैं।
6. **भविष्य का खतरा**: ब्रिक्स का विस्तार अमेरिका के लिए चिंता का विषय बन रहा है, क्योंकि कई देश जो पश्चिम के विरोधी हैं, ब्रिक्स में शामिल होने के लिए इच्छुक हैं।
7. **आर्थिक स्वतंत्रता**: ब्रिक्स देशों के बीच अपने करेंसी में कारोबार करने की संभावना अमेरिका की डॉलर पर निर्भरता को कमजोर कर सकती है, जो कि कई देश चाहते हैं।
8. **ब्रिक्स का इतिहास**: ब्रिक्स का नाम 2001 में गोल्डमेन सैक्स के अर्थशास्त्री जिम ओ’निल द्वारा दिया गया था, और पहला शिखर सम्मेलन 2009 में आयोजित हुआ था।
इस समिट का उद्देश्य वैश्विक आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देना और पश्चिमी देशों के प्रभुत्व को चुनौती देना है।