Sun Oct 20 03:00:27 UTC 2024: कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि पर सुहागिन महिलाएं करवा चौथ व्रत रखती हैं, जो इस बार 20 अक्टूबर को मनाया जाएगा। उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के कस्बा सुरीर में करवा चौथ का पर्व नहीं मनाया जाता, जहां महिलाएं अनहोनी के डर से व्रत रखने से कतराती हैं।

इस परंपरा के पीछे एक कहानी है, जिसमें करीब 150 साल पहले एक ब्राम्हण युवक की हत्या कर दी गई थी। उसकी पत्नी ने उस दिन करवा चौथ पर श्राप दिया था कि यहां कोई भी महिला व्रत रखने पर विधवा हो जाएगी, और उसने खुद सती हो गई। इस घटना के बाद से गांव में कई नव विवाहिताएं विधवा हो गईं, जिससे यह मान्यता बनी कि करवा चौथ और अहोई अष्टमी नहीं मनाई जानी चाहिए।

सुरीर के लगभग 200-250 क्षत्रिय परिवारों की महिलाएं इस श्राप के चलते करवा चौथ का व्रत नहीं रखतीं। निवासी ओमवती देवी ने कहा कि वह अपने परिवार की सलामती पर विश्वास करती हैं, जबकि शांतिदेवी ने कहा कि सती माता अब श्राप नहीं, बल्कि आशीर्वाद देती हैं। नव विवाहिताएं अपने सुहाग की सलामती के लिए व्रत रखना चाहती हैं, लेकिन परंपरा के डर से वे पीछे हट जाती हैं।

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