Wed Oct 16 19:55:46 UTC 2024: ## विश्व खाद्य दिवस 2024: भूख और कुपोषण से लड़ने का समय
**नई दिल्ली:** हर साल 16 अक्टूबर को मनाया जाने वाला विश्व खाद्य दिवस (World Food Day 2024) दुनिया भर में भूख और कुपोषण से जूझ रहे लोगों के प्रति जागरूकता फैलाने का एक अवसर है। हाल ही में जारी ग्लोबल हंगर इंडेक्स (GHI) 2024 की रिपोर्ट में भारत को 127 देशों में 105वें स्थान पर रखा गया है, जो देश में गंभीर स्तर के भूख की समस्या को दर्शाता है।
विश्व खाद्य दिवस हमें इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार करने के लिए प्रेरित करता है। भारत जैसे देश में जहां लाखों लोग अभी भी कुपोषण का शिकार हैं, खाद्य प्रणाली में सुधार लाना बेहद जरूरी है।
विश्व खाद्य दिवस का इतिहास 1945 में रोम में खाद्य एवं कृषि संगठन (एफएओ) की स्थापना से जुड़ा है। एफएओ का उद्देश्य दुनिया में हर व्यक्ति के पास पर्याप्त भोजन सुनिश्चित करना है। 1981 से, एफएओ हर साल 16 अक्टूबर को विश्व खाद्य दिवस मनाता है।
इस साल की थीम “बेहतर जीवन और बेहतर भविष्य के लिए भोजन का अधिकार” है। यह थीम हर इंसान को पौष्टिक भोजन का अधिकार होने पर जोर देती है। इसके लिए एक ऐसी खाद्य प्रणाली विकसित करना होगा जो न सिर्फ लोगों को भोजन उपलब्ध कराए बल्कि यह भी सुनिश्चित करे कि यह प्रणाली टिकाऊ हो।
विश्व खाद्य दिवस एक याद दिलाता है कि भोजन सिर्फ पेट भरने का साधन नहीं है, बल्कि यह स्वस्थ जीवन और एक बेहतर भविष्य का आधार है। हमें भोजन की बर्बादी को कम करने और उन सभी तक पौष्टिक भोजन पहुंचाने के उपाय खोजने होंगे जो लोग भूख और कुपोषण से पीड़ित हैं।