Thu Oct 17 15:04:06 UTC 2024: ## उमर अब्दुल्ला ने जम्मू-कश्मीर में ली मुख्यमंत्री पद की शपथ, पूर्ण राज्य का दर्जा बहाली प्राथमिकता

जम्मू-कश्मीर में नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने बुधवार को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. उमर अब्दुल्ला केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद जम्मू-कश्मीर के पहले मुख्यमंत्री हैं. 2014 के विधानसभा चुनाव में 15 सीटों पर सिमटी नेशनल कॉन्फ्रेंस ने इस बार 42 सीटों पर जीत हासिल कर राज्य में सरकार बनाई है.

अपने पिता और पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने शपथ ग्रहण समारोह के बाद कहा कि राज्य चुनौतियों से भरा है और उम्मीद है कि नई सरकार अपने घोषणा पत्र में किए वादों को पूरा करेगी.

उमर अब्दुल्ला के बेटे जाहिर ने कहा कि नई सरकार की सबसे पहली प्राथमिकता जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा वापस दिलाना है. अनुच्छेद 370 की बहाली भी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है.

उमर अब्दुल्ला ने चुनाव से पहले कहा था कि जम्मू-कश्मीर लंबे समय तक केंद्र शासित प्रदेश नहीं रहेगा. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने जम्मू-कश्मीर के पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने का वादा किया है.

डिप्टी सीएम सुरिंदर सिंह चौधरी ने भी कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोगों से जो वादा किया गया था, उसे पूरा किया जाएगा और जल्द ही पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल होगा.

उमर अब्दुल्ला ने कहा कि पहली कैबिनेट बैठक में पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग को लेकर प्रस्ताव पास किया जाएगा. हालांकि, यह प्रस्ताव केंद्र सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश मात्र है, क्योंकि जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने का फैसला केंद्र सरकार ही ले सकती है.

2019 में जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन कानून के तहत राज्य को केंद्र शासित प्रदेश बनाया गया था. जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा वापस दिलाने के लिए इस कानून में संशोधन करना होगा, जो केवल संसद में हो सकता है.

पूर्ण राज्य का दर्जा मिलने पर जम्मू-कश्मीर की विधानसभा में शक्तियां केंद्र सरकार से वापस आ जाएँगी. विधानसभा हर मामले पर कानून बना सकती है. हालांकि, चुनाव करवाने की जरूरत नहीं पड़ेगी.

केंद्र सरकार और सुप्रीम कोर्ट ने पहले भी जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने का वादा किया है. लेकिन, अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है.

Read More