Wed Oct 16 12:25:16 UTC 2024: ## शरद पूर्णिमा 2024: खुशहाली और सुख-संपदा के लिए रखा जाने वाला यह व्रत, जानें कथा और महत्व

**नई दिल्ली:** शरद पूर्णिमा का व्रत हर साल आश्विन मास की पूर्णिमा को रखा जाता है। इस साल यह त्यौहार 16 अक्टूबर 2024, बुधवार को मनाया जाएगा। यह दिन स्नान-दान और चंद्र देव की पूजा के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। मान्यता है कि शरद पूर्णिमा का व्रत रखने से जीवन में खुशहाली व सुख-संपदा आती है।

पौराणिक कथाओं के अनुसार, इसी दिन समुद्र मंथन से मां लक्ष्मी प्रकट हुई थीं। इस दिन चांदनी रात में खुले आसमान के नीचे खीर रखने की परंपरा है। मान्यता है कि शरद पूर्णिमा के दिन व्रत कथा सुनने या पढ़ने के बाद ही व्रत का संपूर्ण फल प्राप्त होता है।

**व्रत कथा:**

प्राचीन समय की बात है, एक व्यापारी की दो बेटियां थीं। दोनों धार्मिक स्वभाव की थीं और पूर्णिमा का व्रत रखती थीं। बड़ी बेटी पूरे श्रद्धा-भाव से व्रत करती थी, जिससे उसे पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई। छोटी बेटी व्रत पूरा नहीं रख पाती थी और शाम को भोजन कर लेती थी, जिसके कारण उसे व्रत का पूर्ण लाभ नहीं मिल पाता था। एक बार छोटी बेटी को संतान की प्राप्ति हुई, लेकिन उसकी संतान दीर्घायु नहीं थी। एक दिन, संतान के शोक में बैठी छोटी बेटी के पास बड़ी बहन आई। उस समय छोटी बेटी अपने पुत्र को खोने के दुख में थी। बड़ी बहन के वस्त्र छूते ही छोटी बहन का पुत्र जीवित हो गया। इस घटना से छोटी बहन ने बड़ी बहन से पूर्णिमा व्रत की महिमा पूछी और तब से उसने विधि-विधान के साथ व्रत रखना शुरू कर दिया।

**महत्व:**

शरद पूर्णिमा व्रत करने से कुंडली में चंद्रमा की स्थिति मजबूत होती है, जिससे जातक को कार्यों में सफलता मिलती है।

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