Tue Oct 15 16:24:57 UTC 2024: ## शरद पूर्णिमा 2024: खीर, लक्ष्मी पूजा, और अमृत की वर्षा

**भोपाल, 15 अक्टूबर 2024:** इस साल शरद पूर्णिमा 16 अक्टूबर की रात 8:40 बजे शुरू होकर 17 अक्टूबर को शाम 4:55 बजे समाप्त होगी. यह त्योहार, जिसे कोजागरी पूर्णिमा, रास पूर्णिमा, और फसल उत्सव के रूप में भी जाना जाता है, हिंदू धर्म में बहुत महत्व रखता है.

शरद पूर्णिमा के दिन देवी लक्ष्मी की पूजा का विशेष महत्व है. मान्यता है कि इस दिन देवी लक्ष्मी अपने भक्तों के घर जाती हैं और उन्हें धन-संपत्ति का आशीर्वाद देती हैं. इसलिए लोग पूरी रात जागकर भक्ति गीत गाते, मंत्र जपते, और देवी से आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए प्रार्थना करते हैं.

शरद पूर्णिमा पर चावल की खीर बनाकर देवी लक्ष्मी को भोग लगाना बहुत शुभ माना जाता है. इस दिन चांदनी में रखी खीर में अमृत घुल जाता है. इस अमृत रूपी खीर का सेवन करने से शरीर को कई फायदे होते हैं और व्यक्ति को देवी लक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त होता है.

**शरद पूर्णिमा पर खीर बनाने की विधि:**

* दूध में चावल पकाएं (पानी न डालें)
* इसमें केसर डालें
* चावल पकने पर थोड़ा दूध और मिलाएं और मखाना डालें
* खीर गाढ़ी होने पर चीनी मिलाएं
* खीर को ढक दें
* गाढ़ी खीर के लिए आप नारियल कद्दूकस करके डाल सकते हैं
* स्वाद बढ़ाने के लिए इलायची और ड्राई फ्रूट्स मिला सकते हैं

**शरद पूर्णिमा पर अन्य रीति-रिवाज:**

* कुछ लोग मिट्टी के घड़े में पानी भरकर रखते हैं और अगली सुबह इस पानी से नहाते हैं.
* शरद पूर्णिमा की चांदनी रात में लोग मंदिरों में जाकर पूजा-अर्चना करते हैं.

शरद पूर्णिमा का त्योहार धन, समृद्धि, और अच्छी सेहत का प्रतीक है. इस दिन अपनी आस्था के साथ सभी रीति-रिवाजों का पालन करें और इस त्योहार का पूरा लाभ उठाएं.

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