Tue Oct 15 12:46:57 UTC 2024: ## प्रदोष व्रत 2024: आश्विन माह में 15 अक्टूबर को मनाया जाएगा, जानें शुभ मुहूर्त और पूजा विधि
**नई दिल्ली:** सनातन धर्म में प्रदोष व्रत का विशेष महत्व है। यह व्रत हर माह में कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर किया जाता है। मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव और मां पार्वती की पूजा करने से साधक को आरोग्य जीवन और सभी सुखों की प्राप्ति होती है।
पंचांग के अनुसार, आश्विन माह के शुक्ल पक्ष में प्रदोष व्रत 15 अक्टूबर (सोमवार) को मनाया जाएगा। त्रयोदशी तिथि की शुरुआत 15 अक्टूबर को देर रात 03:42 बजे से होगी और इसका समापन 16 अक्टूबर को देर रात 12:19 बजे होगा।
इस दिन शिव पंचाक्षर स्तोत्र और श्री शिवरामाष्टक स्तोत्र का पाठ करने से जातक की मुरादें पूरी होने की मान्यता है।
**प्रदोष व्रत पूजा विधि:**
* प्रदोष काल में भगवान शिव की पूजा की जाती है।
* शिवलिंग पर जल, दूध, शहद, दही, घी, चंदन, फूल आदि अर्पित करें।
* “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करें।
* शिव पूजन के बाद दीपक जलाएं और आरती करें।
* व्रत रखने वाले व्यक्तियों को प्रदोष काल में फल, दूध, पनीर का सेवन करना चाहिए।
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**अस्वीकरण:** यह लेख सामान्य सूचना के लिए है, किसी भी धार्मिक मान्यता या परंपरा का समर्थन नहीं करता है।