Thu Oct 10 15:42:26 UTC 2024: ## रतन टाटा का निधन, इलेक्ट्रिक अग्निदाह द्वारा अंतिम संस्कार

भारत के प्रसिद्ध उद्योगपति और पद्म विभूषण से सम्मानित रतन टाटा का बुधवार 09 अक्टूबर को 86 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके निधन से देश में शोक की लहर दौड़ गई है। रतन टाटा एक पारसी परिवार से थे, लेकिन उनके अंतिम संस्कार पारसी रीति-रिवाजों के अनुसार नहीं किए जाएँगे। उनका अंतिम संस्कार इलेक्ट्रिक अग्निदाह द्वारा किया जाएगा।

पारसी धर्म में शव को ‘टॉवर ऑफ साइलेंस’ नामक गोलाकार इमारत में खुले आसमान के नीचे रखा जाता है, जहाँ गिद्ध, चील और कौवे उसे खा जाते हैं। इस प्रक्रिया को ‘दोखमेनाशिनी’ कहा जाता है। पारसी धर्म के अनुयायियों का मानना है कि शव को जलाने या दफनाने से प्रकृति को नुकसान पहुँचता है।

हालांकि, पिछले कुछ समय से ‘टॉवर ऑफ साइलेंस’ में शव रखने का चलन कम होता जा रहा है क्योंकि आबादी बढ़ने के कारण शवों को प्राकृतिक तौर पर विघटित नहीं किया जा सकता। इस कारण से, पारसी धर्म में भी अब शवों को जलाने या दफनाने का चलन बढ़ रहा है।

रतन टाटा के निधन से भारत के उद्योग जगत में एक बड़ा शून्य पैदा हो गया है। उन्हें उनके कारोबार में अग्रणी भूमिका, समाज सेवा और दूरदृष्टि के लिए जाना जाता था।

Read More