Wed Oct 09 04:28:53 UTC 2024: ## रामलीला में जीवंत मंचन और बाल कलाकारों ने जीता दिल

मऊ के मुहम्मदपुर हसनपुर में आयोजित आदर्श प्राचीन रामलीला समिति की रामलीला में ताड़का वध, अहिल्या उद्धार, सीता स्वयंवर, राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद, और राम-सीता विवाह का जीवंत मंचन किया गया। इस रामलीला में बाल कलाकारों की अद्भुत प्रस्तुति ने दर्शकों का दिल जीत लिया।

सीता स्वयंवर के दौरान शिव धनुष के टूटने पर ‘जय श्री राम’ और ‘हर हर महादेव’ के जयघोष से पूरा प्रांगण गूंज उठा। राम द्वारा धनुष तोड़े जाने के बाद सीता ने उन्हें वरमाला पहनाई, जिसने दर्शकों को आकर्षित किया।

धनुष टूटने की खबर सुनकर क्रोधित परशुराम जनकपुर पहुंचे और राजा जनक से इस घटना का कारण पूछा। जनक ने उन्हें अपनी प्रतिज्ञा बताई, जिसके अनुसार शिव धनुष को तोड़ने वाले से ही सीता का विवाह होगा। इसके बाद राम, लक्ष्मण और परशुराम के बीच ओजस्वी संवाद का सजीव मंचन हुआ, जिसने उपस्थित दर्शकों का मन मोह लिया।

अयोध्या से आई बारात का जनकपुर में भव्य स्वागत किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पंडित हरीश उपाध्याय द्वारा चारों भाइयों – राम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न का विवाह संपन्न हुआ। इस अवसर पर माताओं द्वारा गाए गए मंगल गीतों से पंडाल गुंजायमान हो उठा।

रामलीला में बाल कलाकारों – आशुतोष उपाध्याय (राम), निर्भय यादव (लक्ष्मण), विनोद उपाध्याय (परशुराम), लालबहादुर यादव (विश्वामित्र), अमरेश उपाध्याय (जनक), राजेश शर्मा (रावण) और अन्य कलाकारों की प्रस्तुति ने रामलीला को जीवंत कर दिया। श्रद्धालु पूरी रात इस सजीव मंचन का आनंद लेते रहे।

रामलीला समिति के महंथ बद्रीदास और प्रबंधक संदीप शर्मा ने सभी कलाकारों और उपस्थित जनसमूह के प्रति आभार प्रकट किया। इस अद्भुत रामलीला का आयोजन और प्रस्तुति सभी के लिए यादगार रही।

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