Tue Oct 08 01:12:59 UTC 2024: ## भारतीय वायुसेना का 92वां स्थापना दिवस: वीरता और सेवा का प्रतीक

**नई दिल्ली, 8 अक्टूबर:** आज भारतीय वायुसेना अपनी 92वीं वर्षगांठ मना रही है। यह दिन वायुसेना की सेवा और बलिदान को श्रद्धांजलि देने का दिन है। दुनिया की चौथी सबसे बड़ी वायुसेना के रूप में, भारतीय वायुसेना ने देश की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

इस साल, वायुसेना ने अपने नए ध्वज को अपनाया है जो इसकी गौरवशाली विरासत और आदर्शों को दर्शाता है। पुराने ध्वज को 1951 में बनाया गया था, जबकि नया ध्वज 2023 में अपनाया गया। इस नए ध्वज में वायुसेना का शिखर, अशोक के सिंह, “सत्यमेव जयते” और एक शक्तिशाली हिमालयी बाज का चित्र शामिल है। बाज वायुसेना के युद्ध कौशल का प्रतीक है, जबकि “नभः स्पृशं दीप्तम्” जो भगवद् गीता से लिया गया है, इसके आदर्श वाक्य को दर्शाता है।

भारतीय वायुसेना के बारे में कुछ दिलचस्प तथ्य:

* पहले भारतीय वायुसेना को “रॉयल इंडियन एयरफोर्स” कहा जाता था, लेकिन आजादी के बाद “रॉयल” शब्द हटा दिया गया।
* महिला अधिकारी विभिन्न भूमिकाओं में वायुसेना में अपनी सेवाएं देती हैं, जिसमें राफेल लड़ाकू विमानों में एक महिला पायलट भी शामिल है।
* वायुसेना ने 1998 के गुजरात चक्रवात, 2004 की सुनामी, और उत्तर भारत में बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं के दौरान महत्वपूर्ण राहत कार्य किए हैं।
* वायुसेना संयुक्त राष्ट्र के शांति मिशनों में भी भाग लेती है।

भारतीय वायुसेना की 92वीं वर्षगांठ देश के लिए एक महत्वपूर्ण दिन है, जो हमारे वीर सैनिकों के बलिदान और सेवा को याद दिलाता है।

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