
Mon Oct 07 10:11:07 UTC 2024: ## मां स्कंदमाता की पूजा और तारकासुर की कथा: नवरात्रि के पांचवें दिन
नवरात्रि के पांचवें दिन, देवी दुर्गा के रूप में मां स्कंदमाता की पूजा का विधान है। मां स्कंदमाता को अत्यंत दयालु माना जाता है और इनकी पूजा करने से संतान प्राप्ति और बच्चों की दीर्घायु की मनोकामना पूर्ण होती है।
देवी भागवत पुराण के अनुसार, मां स्कंदमाता भगवान शिव की अर्द्धांगिनी हैं और इन्होंने स्वामी कार्तिकेय को जन्म दिया था। कार्तिकेय का दूसरा नाम स्कंद है, इसलिए मां दुर्गा के इस रूप को स्कंदमाता कहा जाता है।
मां स्कंदमाता की व्रत कथा प्राचीन समय से जुड़ी है। एक राक्षस तारकासुर ने ब्रह्मा जी से अमरता का वरदान मांगा। ब्रह्मा जी ने उसे समझाया कि मृत्यु सबका नियति है। तब तारकासुर ने वरदान माँगा कि उसकी मृत्यु भगवान शिव के पुत्र के हाथों हो।
तारकासुर का मानना था कि भगवान शिव कभी विवाह नहीं करेंगे, इसलिए उसकी मृत्यु कभी नहीं होगी। उसने लोगों पर अत्याचार करना शुरू कर दिया। देवताओं ने शिव से तारकासुर से मुक्ति दिलाने की प्रार्थना की। शिव ने पार्वती से विवाह किया और कार्तिकेय को जन्म दिया। कार्तिकेय ने बड़े होने पर तारकासुर का वध किया।
**मायंक यादव का शानदार डेब्यू:**
इस बीच, क्रिकेट की दुनिया में, भारत के तेज गेंदबाज मयंक यादव ने बांग्लादेश के खिलाफ अपने अंतरराष्ट्रीय डेब्यू में शानदार प्रदर्शन किया। यादव ने लगातार 140 किमी प्रति घंटे से अधिक की गति से गेंदबाजी करते हुए 17 गेंदों में से 140 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गेंदबाजी की, उनकी औसत गति 138.7 किमी प्रति घंटे रही। यादव ने अपने पहले ओवर में मेडन ओवर फेंका और विजडन के अनुसार, T20I करियर की शुरुआत मेडन ओवर से करने वाले तीसरे भारतीय गेंदबाज बने।