Thu Oct 03 10:56:38 UTC 2024: ## प्रशांत किशोर का बिहार में नया राजनीतिक दांव: दलित राजनीति का रुख
बिहार में राजनीतिक उथल-पुथल जारी है, और इस बार प्रशांत किशोर ने अपनी रणनीति में एक बड़ा बदलाव किया है। राजनीति में दूसरों के कंधों पर बंदूक रखकर चलाने वाले किशोर ने अब अपने लिए बिहार में दलित वोट बैंक को टारगेट किया है। इसके लिए उन्होंने अपनी नई पार्टी “जन सुराज” के नेता के तौर पर मनोज भारती को चुना है।
मनोज भारती, जो कि दलित समुदाय से आते हैं और आईएफएस अधिकारी रह चुके हैं, कई देशों में राजदूत भी रहे हैं। किशोर ने इस बात पर ज़ोर दिया कि भारती “उनसे ज़्यादा काबिल” हैं।
यह कदम बिहार की राजनीति में पिछले तीन दशकों से हावी सवर्ण और OBC राजनीति से एक अलग मोड़ लेने की कोशिश है। किशोर ने यह भी कहा कि उन्हें अपने ब्राह्मण होने के कारण सवालों का सामना करना पड़ रहा था, इसलिए उन्होंने भारती को आगे लाया है। हालांकि, राजनीतिक विश्लेषक इस कदम को किशोर की “जातीय राजनीति” की एक और चाल के तौर पर देख रहे हैं।
बिहार में दलित राजनीति के इतिहास में जीतनराम मांझी, चिराग पासवान, और रामविलास पासवान जैसे नेता पहले भी अपनी राजनीतिक यात्रा में सफलता और असफलता दोनों का सामना कर चुके हैं। इसलिए यह देखना दिलचस्प होगा कि किशोर का यह नया दांव कितना कारगर साबित होता है।
**क्या प्रशांत किशोर की यह रणनीति सफल होगी, या बिहार में दलित राजनीति अपनी उम्मीदों पर ही खरा उतर पाएगा, यह समय ही बताएगा।**