Wed Oct 02 06:26:09 UTC 2024: ## महात्मा गांधी का अलीगढ़ से गहरा नाता, एएमयू लाइब्रेरी में संरक्षित हैं बापू के पत्र

**अलीगढ़:** स्वतंत्रता संग्राम में अहम भूमिका निभाने वाले महात्मा गांधी का अलीगढ़ से गहरा नाता था। बापू ने तीन बार अलीगढ़ की धरती पर कदम रखे और छात्रों को संबोधित किया। एएमयू की मौलाना आजाद लाइब्रेरी में आज भी उनके हाथों लिखे पत्र सुरक्षित रखे गए हैं।

1916 में पहली बार अलीगढ़ आए बापू का छात्रों ने जोरदार स्वागत किया था। उनके द्वारा एएमयू छात्रसंघ के नेताओं अब्दुल मजीद ख्वाजा और अब्दुल बारी को लिखे पत्र लाइब्रेरी में मौजूद हैं। 1937 में भेजा गया पत्र अंग्रेजी में है, जिसमें बापू ने “डियर फ्रेंड” लिखकर एएमयू छात्रसंघ को संबोधित किया था। 1942 में अब्दुल बारी को लिखे पत्र में बापू ने लिखा, “मेरे प्यारे बारी, तुमने अपना कर्तव्य निभाया है, अब मुझे देखना होगा कि क्या किया जा सकता है।”

1920 में असहयोग आंदोलन के दौरान बापू दूसरी बार अलीगढ़ आए और एएमयू के स्ट्रेची हॉल के सामने भाषण दिया। उन्होंने हिंदू-मुस्लिम एकता पर जोर देते हुए कहा, “जब तक हममें एकता नहीं हो जाती तब तक स्वराज हासिल नहीं कर सकते।”

1929 में पत्नी कस्तूरबा गांधी के साथ अलीगढ़ आए बापू को एएमयू के यूनियन हॉल में छात्र संघ की पहली आजीवन सदस्यता दी गई थी।

बापू की अलीगढ़ यात्राओं का वर्णन करते हुए इतिहासकार डॉ. वेदवती राठी ने बताया कि 1916 में बापू को देखने के लिए स्टेशन पर लोगों का हुजूम उमड़ा था। छात्रों ने उन्हें मालवीय पुस्तकालय तक जुलूस के साथ ले जाया था।

एएमयू छात्रों से खादी का उपयोग करने की अपील करते हुए बापू ने विदेशी कपड़ों की होली जलाने के लिए प्रेरित किया। पूर्व छात्र मुहम्मद हरसत मोहानी ने रसलगंज में खादी भंडार खोलकर स्वदेशी आंदोलन को बढ़ावा दिया।

एएमयू की मौलाना आजाद लाइब्रेरी में गांधी जयंती के मौके पर एक प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा, जिसमें बापू के दुर्लभ चित्र, किताबें, हस्तलिखित पत्र प्रदर्शित किए जाएंगे।

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