Sun Sep 29 07:54:51 UTC 2024: ## दिल की बीमारी के शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज न करें: डॉक्टर
**नई दिल्ली:** 29 सितंबर को मनाए जा रहे विश्व हृदय दिवस पर, हृदय रोग विशेषज्ञों ने क्रॉनिक हार्ट फेलियर (CHF) के शुरुआती लक्षणों के बारे में जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया है। CHF एक ऐसी स्थिति है जिसमें दिल कमजोर हो जाता है और खून को ठीक से पंप नहीं कर पाता। अक्सर यह हाई ब्लड प्रेशर या डायबिटीज जैसी अन्य बीमारियों के कारण होता है।
डॉ. प्रवीण चंद्रा, चेयरमैन, इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी, मेदांता गुरुग्राम, दिल्ली ने बताया कि CHF के शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज करने से बीमारी बढ़ सकती है और मरीज को बार-बार अस्पताल में भर्ती होना पड़ सकता है।
**शुरुआती लक्षणों में शामिल हैं:**
* थकान
* सांस फूलना
* टखनों में सूजन
* खांसी
डॉ. चंद्रा ने बताया कि CHF के मरीजों को रात में सांस लेने में तकलीफ, अचानक वजन बढ़ना, भूख न लगना, बेहोशी और ज्यादा खांसी जैसे लक्षणों पर ध्यान देना चाहिए। ये लक्षण बीमारी के बढ़ने का संकेत हो सकते हैं।
**वर्सनिंग हार्ट फेलियर (WHF)**
क्रॉनिक हार्ट फेलियर और भी खराब हो सकता है, जिसे WHF कहते हैं। WHF में मरीजों को बार-बार इंट्रावीनस ट्रीटमेंट की जरूरत पड़ती है या अस्पताल में भर्ती होना पड़ता है। समय के साथ अस्पताल में भर्ती होने की दर बढ़ती जाती है और जीवन की गुणवत्ता खराब होती जाती है।
**एडवांस थेरेपी:**
हालांकि, आज के समय में, एडवांस्ड थेरेपी विकसित हुई हैं जो WHF के मरीजों में अस्पताल में भर्ती होने की दर कम करने में मदद करते हैं।
**निष्कर्ष:**
डॉ. चंद्रा ने सभी से अपील की है कि वे दिल की बीमारी के शुरुआती लक्षणों को गंभीरता से लें और समय पर डॉक्टर की सलाह लें। नियमित रूप से कार्डियोलॉजिस्ट से मिलना बहुत जरूरी है ताकि बीमारी बिगड़ने से पहले ही इसका इलाज किया जा सके।