Sat Sep 28 07:04:00 UTC 2024: ## भगत सिंह की जयंती: देशभक्ति और जुनून का प्रतीक
**नई दिल्ली:** 28 सितंबर को भगत सिंह की जयंती मनाई जा रही है। देश के इस वीर सपूत ने आजादी की जो अलख जगाई थी वह आज भी उनके विचारों के जरिए लोगों में दिलों में जिंदा है।
1907 में पश्चिमी पंजाब (वर्तमान में पाकिस्तान) में जन्मे भगत सिंह ने देशभक्ति का एक ऐसा नया आयाम स्थापित किया, जिसने अंग्रेजी सरकार की नींव हिला दी। उन्होंने 24 साल की उम्र में देश की आजादी के लिए शहादत को गले लगा लिया।
भगत सिंह का यह नारा “सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है, देखना है जोर कितना बाजु-ए-कातिल में है” आज भी देशभक्ति और जुनून का प्रतीक है। 23 मार्च, 1931 को उन्हें फांसी दी गई थी, लेकिन उनकी शहादत बेकार नहीं गई और उनकी लगाई आजादी की चिंगारी ने आग बनकर पूरे ब्रिटिश शासन को जला डाला।
भगत सिंह के जोश से भरपूर विचार आज भी लोगों को जिंदादिली से भर देते हैं। उनकी जयंती पर उनके इन विचारों को याद करते हुए हम उनका सम्मान करते हैं और उनके द्वारा दिखाए गए देशभक्ति के मार्ग पर चलने का संकल्प लेते हैं।