Thu Sep 19 05:33:23 UTC 2024: ## “वन नेशन वन इलेक्शन” प्रस्ताव पर सियासी घमासान, सपा ने उठाए सवाल, बसपा ने दिया समर्थन
**लखनऊ:** केंद्र सरकार के “वन नेशन वन इलेक्शन” के प्रस्ताव को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस प्रस्ताव पर कई सवाल उठाते हुए सरकार को कटघरे में खड़ा किया है, जबकि बसपा सुप्रीमो मायावती ने इसका समर्थन किया है।
अखिलेश यादव ने कहा कि अगर सरकार एक देश एक चुनाव की बात कर रही है, तो लगे हाथ महाराष्ट्र, झारखंड के विधानसभा चुनाव और यूपी के उपचुनाव भी घोषित कर दिए जाने चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल किया कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव अब तक क्यों नहीं हो पा रहा है? जबकि पार्टी में “वन पर्सन वन ओपिनियन” का नारा लगाया जाता है। अखिलेश ने आरोप लगाया कि भाजपा में “टू पर्सन टू ओपिनियन्स” की स्थिति पैदा हो गई है और पार्टी कमजोर पड़ गई है।
सपा अध्यक्ष ने यह भी कहा कि सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि एक देश एक चुनाव में प्रधान से लेकर प्रधानमंत्री तक सभी ग्राम, टाउन और नगर निकायों के चुनाव साथ ही होंगे या फिर चुनावों के समय सरकार अपनी सुविधानुसार हार-जीत का खेल खेलेगी? उन्होंने सवाल किया कि अगर भाजपा बीच में किसी राज्य की सरकार गिराएगी, तो क्या पूरे देश के चुनाव फिर से कराए जाएँगे? साथ ही उन्होंने राष्ट्रपति शासन लागू होने की स्थिति में भी सवाल उठाए और कहा कि क्या जनता की चुनी सरकार को अगले आम चुनावों तक इंतज़ार करना पड़ेगा या फिर पूरे देश में फिर से चुनाव होंगे? अखिलेश ने यह भी सवाल किया कि इस प्रस्ताव को लागू करने के लिए सांविधानिक संशोधन करने होंगे, तो उनकी कोई समय सीमा निर्धारित की गयी है या नहीं?
उन्होंने आरोप लगाया कि यह योजना चुनावों का निजीकरण करके परिणाम बदलने की है। अखिलेश ने कहा कि सरकार चुनाव कराने का काम भी निजी ठेकेदारों को दे सकती है, क्योंकि उसके पास इतने बड़े स्तर पर चुनाव कराने के लिए संसाधन नहीं हैं।
दूसरी ओर, बसपा सुप्रीमो मायावती ने एक्स पर लिखा कि उनकी पार्टी “वन नेशन वन इलेक्शन” के प्रस्ताव का समर्थन करती है, लेकिन इसका उद्देश्य देश और जनहित में होना चाहिए।
इस तरह, “वन नेशन वन इलेक्शन” के प्रस्ताव को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। इस प्रस्ताव को लेकर सपा और भाजपा के बीच जोरदार बहस देखने को मिल रही है।