Wed Sep 18 05:30:01 UTC 2024: ## पितृ पक्ष 2024: पूर्वजों को श्रद्धांजलि देने का समय
**नई दिल्ली:** सनातन धर्म में पितृ पक्ष, जो इस साल 17 सितंबर से 02 अक्टूबर तक है, पूर्वजों को याद करने और उन्हें श्रद्धांजलि देने का एक महत्वपूर्ण समय होता है। इस अवधि के दौरान, माना जाता है कि पूर्वज धरती पर आते हैं और उनके आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए लोग उनकी पूजा-अर्चना करते हैं।
गरुड़ पुराण के अनुसार, पितृ पक्ष में पिंडदान और तर्पण करने से पूर्वजों को मोक्ष मिलता है और जातक को सुख, समृद्धि और वंश में वृद्धि प्राप्त होती है।
इस साल पितृ पक्ष की शुरुआत 17 सितंबर को आश्विन माह के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि से होगी और इसका समापन अमावस्या पर 02 अक्टूबर को होगा।
**पितृ तर्पण विधि:**
पितृ तर्पण एक सरल विधि है जिसके माध्यम से आप अपने पूर्वजों को श्रद्धांजलि दे सकते हैं। यह विधि इस प्रकार है:
1. **सामग्री:** तिल, जल, कुश, गंगाजल, फल, मिठाई
2. **मंत्र:**
* ॐ पितृ गणाय विद्महे जगतधारिणे धीमहि तन्नो पित्रो प्रचोदयात्।
* ॐ देवताभ्य: पितृभ्यश्च महायोगिभ्य एव चनम: स्वाहायै स्वधायै नित्यमेव नमो नम:
* गोत्रे अस्मतपिता (पितरों का नाम) शर्मा वसुरूपत् तृप्यतमिदं तिलोदकमगंगा जलं वा तस्मै स्वधा नमः, तस्मै स्वधा नमः, तस्मै स्वधा नमः।
* ॐ पितृगणाय विद्महे जगत धारिणी धीमहि तन्नो पितृो प्रचोदयात्।ॐ देवताभ्य: पितृभ्यश्च महायोगिभ्य एव च। नम: स्वाहायै स्वधायै नित्यमेव नमो नम:।
* ॐ आद्य-भूताय विद्महे सर्व-सेव्याय धीमहि। शिव-शक्ति-स्वरूपेण पितृ-देव प्रचोदयात्।
**ध्यान दें:** इस लेख में दी गई जानकारी सामान्य जानकारी के लिए है। कृपया पितृ पक्ष के बारे में किसी धार्मिक गुरु या विद्वान से सलाह लें।