
Wed Sep 18 05:09:32 UTC 2024: ## पितृ पक्ष 2024: श्राद्ध कर्म, नियम और तिथियां
पितृ पक्ष 2024 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक चलेगा। यह पितरों को श्रद्धांजलि देने का समय है, और इस अवधि में तर्पण और श्राद्ध कर्म का विशेष महत्व है।
**श्राद्ध कर्म कैसे करें:**
* **तिथि का चयन:** अपने पूर्वजों की तिथि और नाम को ध्यान में रखकर अनुष्ठान करें।
* **स्नान और शुद्धि:** अनुष्ठान से पहले स्नान करें और स्वच्छ कपड़े पहनें।
* **वेदी की स्थापना:** घर में एक स्वच्छ स्थान पर वेदी स्थापित करें।
* **पितरों की फोटो या पुतला:** पितरों की फोटो या शुद्ध मिट्टी के पुतले वेदी पर रखें।
* **भोजन का अर्पण:** जो भी भोजन बनाएं, उसे सीधे पितरों के नाम पर अर्पित करें और उन्हें याद करें।
* **दान:** पितृ पक्ष के दौरान, ब्राह्मणों को दान देने की भी परंपरा है।
* **पिंडदान:** चावल और तिल के पिंड बनाकर उन्हें जल में प्रवाहित करें।
* **प्रार्थना:** अपने पितरों के लिए प्रार्थना करें और उनकी आत्मा की शांति के लिए कामना करें।
**पितृ पक्ष के श्राद्ध तिथियां:**
* 17 सितंबर – पूर्णिमा श्राद्ध
* 18 सितंबर – प्रतिपदा श्राद्ध
* 19 सितंबर – द्वितीया श्राद्ध
* 20 सितंबर – तृतीया श्राद्ध
* 21 सितंबर – चतुर्थी श्राद्ध
* 22 सितंबर – पंचमी श्राद्ध
* 23 सितंबर – पष्ठी श्राद्ध
* 24 सितंबर – सप्तमी श्राद्ध
* 25 सितंबर – अष्टमी श्राद्ध
* 26 सितंबर – मातृ नवमी श्राद्ध
* 27 सितंबर – दशमी श्राद्ध
* 28 सितंबर – एकादशी श्राद्ध
* 29 सितंबर – द्वादशी श्राद्ध
* 30 सितंबर – त्रयोदशी श्राद्ध
* 1 अक्टूबर – चतुर्दशी श्रद्ध
* 2 अक्टूबर – अमावस्या श्राद्ध