Wed Sep 18 02:00:23 UTC 2024: ## श्राद्ध पक्ष: पूर्वजों को याद करते हुए तर्पण और पिंडदान

**मचकुंड, (स्थान):** पितृ पक्ष मंगलवार से शुरू हो गए हैं और तीर्थराज मचकुंड के साथ अन्य जलाशयों में बड़ी संख्या में लोग अपने पूर्वजों को श्रद्धांजलि देने पहुंचे हैं। श्राद्ध पक्ष के पहले दिन से ही मचकुंड के साथ-साथ बामनी नदी और पार्वती नदी के किनारे श्रद्धालुओं की भीड़ देखी गई।

मचकुंड के महंत कृष्णदास ने बताया कि हिंदू संस्कृति में श्राद्ध पक्ष का विशेष महत्व है, जो भाद्र मास शुक्ल पक्ष पूर्णिमा से शुरू होता है और अश्विन मास की अमावस्या तक चलता है। इस दौरान परिवार के लोग अपने पूर्वजों को याद करते हुए उन्हें जल तर्पण और पिंडदान करते हैं।

महंत ने बताया कि श्राद्ध पक्ष के दौरान पूर्वजों को प्रसन्न करने के लिए तर्पण और पिंडदान करना महत्वपूर्ण है। इन अनुष्ठानों से पूर्वजों को उनके इष्ट लोकों को पार करने में मदद मिलती है। उन्होंने यह भी बताया कि यदि नदी किनारे तर्पण करने में परेशानी हो तो घर पर भी जल तर्पण किया जा सकता है।

पितृपक्ष के दौरान कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है। महंत ने बताया कि शास्त्रों के अनुसार इस दौरान कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए। इस दौरान वाहन या नया सामान न खरीदें। मांसाहारी भोजन का सेवन भी न करें।

श्राद्ध कर्म करते समय जनेऊ को बाएं की जगह दाएं कंधे पर रखें। इसके अलावा नाखून या दाढ़ी-बाल भी न कटवाएं। तंबाकू, धूम्रपान, सिगरेट या शराब का सेवन भी वर्जित है।

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